- कई किलोमीटर की पदयात्रा करने को मजबूर यात्री
संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। रात के समय लंबे रूट की अधिकतर रोडवेज बसें कस्बे से होकर नहीं गुजरती, बल्कि बाईपास से ही फर्राटा भरती है। ऐसे में यात्रियों को पैदल कई किलोमीटर पैदल चलकर या निजी वाहनों से ही कस्बे में आना पड़ता है।
दिल्ली देहरादून हाईवे 58 पर खतौली कस्बा स्थित है। खतौली बाईपास बनने के बाद रात के समय यात्रा करना मुसीबत भरा बन गया है। लंबे रूट की बसों में दिल्ली, गाजियाबाद, फरीदाबाद से आने वाले यात्रियों को भंगेला बाईपास पर उतार दिया जाता है, ऐसे ही देहरादून, हरिद्वार, रुड़की सहित अन्य स्थानों से आने वाले यात्रियों को नावला कोठी के समीप उतार दिया जाता है। दोनों ओर से खतौली कस्बे की दूरी तीन से चार किलोमीटर तक पड़ती है। ऐसे में कोई साधन न मिलने के कारण यात्रियों को पैदल चलकर ही कस्बे में आना पड़ता है।
शिकायत पर शिकायत, समाधान नहीं
- सात अगस्त को होली चौक निवासी संदीप हापुड से आ रहे थे, बस अंदर न लाने पर उन्होंने इटावा के एआरएम से शिकायत की।
- 23 अगस्त को दयालपुरम निवासी संजीव शर्मा रुड़की से आ रहे थे। बस अंदर न आने पर एआरएम मेरठ से शिकायत की गई।
- भाजपा नेता पुनीत अरोरा ने भी लंबे रूट की बस अंदर न आने के कारण अलग-अलग डिपों के एआरएम से शिकायत की है।
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यदि इस प्रकार की कोई भी शिकायत मिलती है तो संबंधित डिपों को भेजी जाती है। यदि खतौली डिपों से संबंधित होती है तो उसमें कार्रवाई की जाती है। रोड़वेज डिपों की स्कवार्ड टीम भी इसकी चेकिंग करती है। सभी बसों को नगर के भीतर से निकालने के निर्देेश दिए गए है।- परवेज बशीर, एआरएम खतौली रोडवेज डिपो