मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा में श्रद्धा के पथ पर भावनाओं के ज्वार भी उठ रहे हैं। दिल्ली के योगेश की कांवड़ पर उसके पिता की तस्वीर लगी है। वजह यह कि मन्नतों से पांच बहनों के बाद बेटा हुआ। पिता अक्सर बेटे से कहते कि साथ-साथ कांवड़ लेने जाएंगे, लेकिन संयोग नहीं बना और एक दिन पिता का निधन हो गया। अब बेटा अपने पिता की इच्छा पूरी करने के लिए उनकी तस्वीर लगाकर कांवड़ लाया है।
दिल्ली के सदर बाजार का रहने वाला कांवड़िया योगेश राठौर बताता है कि उसके पिता टेप रिकॉर्डर सुधारते थे। परिवार में पांच बहनों ने जन्म लिया। पिता ने मन्नत मांगी तो योगेश का जन्म हुआ।
पिता-पुत्र को साथ-साथ कांवड़ लानी थी। हर साल पिता सोचते, लेकिन योगेश की उम्र कम थी। इसके बाद उसके पिता बीमार हो गए। चार साल पहले उनका निधन हो गया। कांवडिये का कहना है कि पिता की आखिरी इच्छा पूरी करने के लिए कांवड़ पर तस्वीर लगाकर आया है। लग रहा है कि जैसे पिता की परछाई ही साथ चल रही है।