रतनपुरी। प्राचीन शिव मंदिर रतनपुरी श्रद्धालुओं की आस्था एवं भक्ति का केंद्र है। सावन के महीने में दूर-दराज से श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि प्राचीन शिव मंदिर का निर्माण करीब साढ़े चार सौ वर्ष पहले हुआ था। गांव के बसने के समय ही इस मंदिर का निर्माण कराया गया था। बाद में समय-समय पर जीर्णोद्धार कराया गया। इस मंदिर में श्रावण मास में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। मान्यता है कि श्रावण मास में यहां पर गंगा जल एवं प्रसाद चढ़ाने से सभी की मनोकामना पूर्ण होती है।
मंदिर में विराजमान है शिव परिवार
मंदिर में शिव-परिवार, राधा-कृष्ण, श्रीराम दरबार, नंदी जी, काली माता, शनि देव की प्रतिमाएं स्थापित की गई है। श्रावण मास में मंदिर में दूरदराज से कांवड़िये गंगा जल चढ़ाकर अपनी मन्नत मांगते हैं। शिवरात्रि पर यहां विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है।
तीन साल से चल रहा जीर्णोद्धार
शिव मंदिर समिति रतनपुरी के अध्यक्ष तरसपाल सिंह ने बताया कि करीब तीन वर्ष से इस मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य प्रगति पर है। मंदिर के प्रांगण में खुले बरामदे का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि रंगाई पुताई का कार्य होना शेष है।
देखरेख के लिए ग्रामीणों ने बनाई समिति
गांव के मंदिर पर पूजा पाठ का कार्य महंत बाबा बसंत गिरी महाराज करते हैं। मंदिर की देखरेख एवं अन्य व्यवस्था करने के लिए गांव के 36 लोगों की एक समिति बनाई गई है।