भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि वर्तमान में किसान की हालत चिंताजनक
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार तय हो गया कि इस पेराई सत्र में गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाया जाएगा। किसान संगठनों और विपक्ष के राजनीतिक दलों का कहना है कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। खेती करना महंगा हो गया है, किसानों की आय बढऩे के बजाए घट रही है। कृषि यंत्रों, कीटनाशकों और बीजों के दामों पर सरकार का नियंत्रण नहीं है। लागत बढ़ने से किसानों के सामने विकट हालात बन गए हैं। स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में खेती करना बेहद ही मुश्किल हो जाएगा। किसानों की नई पीढ़ी पलायन करने को मजबूर हो रही है।
किसानों के लिए सडक़ों पर लड़ेंगे लड़ाई : राकेश टिकैत
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार ने इस वर्ष भी गन्ने का भाव न बढ़ाकर किसानों को छलने का काम किया है। पिछले साल का भी अभी करोड़ों बकाया है। पूंजीपतियों की झोली भरने वाली सरकार का किसान विरोधी चेहरा फिर उजागर हो गया। भाकियू किसान हकों के लिए सड़क पर लड़ाई लड़ेगी।
उद्योगपतियों के हाथों की कठपुतली बन गई सरकार : नरेश टिकैत
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि किसानों का 75 प्रतिशत गन्ना मिलों में सप्लाई हो चुका है। डीजल , खाद, कीटनाशक महंगे हुए हैं। खेती पर लागत बढ़ी है। गन्ने के दाम न बढ़ाना निराशाजनक है। यह सरकार उद्योगपतियों के हाथों की कठपुतली बनी हुई है। देश के बेहतर भविष्य के लिए एवं देश के विकास के लिए देश की रीढ़ किसान का मजबूत और आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है।
सरकार का किसान विरोधी कदम-प्रमोद त्यागी
सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी एडवोकेट ने कहा कि गन्ना मूल्य न बढ़ाया जाना सरकार का किसान विरोधी कदम है। खाद के दाम दोगुने हो गए हैं। सरकार का रवैया किसानों के प्रति ठीक नहीं है। किसान और आमजन सरकार को समझ चुके हैं। आने वाले चुनाव में किसान सरकार से हिसाब मांगेंगे।
चुनाव में सरकार को याद आते हैं किसान : अनिल
पुरकाजी विधायक अनिल कुमार ने कहा कि सरकार को किसान चुनाव में याद आते हैं। इस बार चुनावी साल नहीं है तो गन्ना मूल्य भी सरकार ने नहीं बढ़ाया है। खेती पर लागत बढ़ रही है, इस वजह से गन्ना मूल्य करीब 450 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए।
सरकार की मानसिकता ठीक नहीं : राठी
रालोद के प्रदेश संगठन महासचिव अजीत राठी का कहना है कि गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाया जाना किसानों के साथ धोखा है। किसानों के प्रति सरकार की मानसिकता सबके सामने उजागर हो गई है।
इस सत्र का सबसे बड़ा छल : पूरण सिंह
किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह का कहना है कि किसानों के साथ इस सत्र का सबसे बड़ा छल किया गया है। किसानों को झांसा देने का काम किया गया है। भाजपा नेताओं ने उप चुनाव में 20 रुपये गन्ना मूल्य बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।
किसानों का रवैया सही नहीं : रवि
बसपा जिलाध्यक्ष सतीश रवि ने कहा कि हमारे सांसद मलूक नागर ने 150 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाने की मांग संसद में की थी, जिसपर सरकार ने ध्यान नहीं दिया और गन्ना मूल्य के दाम नहीं बढ़ाएं। सरकार का किसानों के प्रति व्यवहार सही नहीं है। बहुजन समाज पार्टी इसका विरोध करती है।
फैसले पर पुनर्विचार करें सरकार : मलिक
भाकियू अराजनैतिक के प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि वर्तमान सत्र में गन्ने का मूल्य वृद्धि न करना दुखद है। भारत सरकार ने इस सत्र में 10 रुपये की वृद्धि की है। हरियाणा,पंजाब में भी वृद्धि की गई। यह आदेश गन्ना किसानों के हितों पर कुठाराघात है। सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार कर गन्ने के मूल्य में वृद्धि कर 400 क्विंटल घोषित करें।
किसानों के साथ किया धोखा : पंवार
भाकियू भानू के राष्ट्रीय महासचिव अरविन्द पंवार ने कहा कि गन्ना मूल्य की वृद्धि ना करना किसान विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। सरकार का असली चेहरा उजगार हुआ है। किसानों के बीच आक्रोश है। खाद, बीज में लगभग 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई, गन्ना मूल्य ना बढ़ना किसानों के साथ धोखा है ।
सरकार का निराशाजनक फैसला : दीपक सोम
किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष दीपक सोम का कहना है कि गन्ने का समर्थन मूल्य ना बढ़ाए जाने का निर्णय अत्यंत ही निराशाजनक है। यह गन्ना किसानों का मनोबल तोड़ने वाला है।
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किसानों की उम्मीदों को लगा झटका : योगराज सिंह
पूर्व मंत्री योगराज सिंह ने कहा कि किसानों की उम्मीदों को जोर का झटका लगा है। स्वामीनाथन आयोग की अंतिम रिपोर्ट आने बाद भी गन्ना किसानो की ऐसी उपेक्षा करना गलत है।
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भाजपा को माफ नहीं करेंगे किसान : कृष्णपाल
रालोद नेता कृष्णपाल राठी ने कहा कि किसान भाजपा सरकार को माफ नहीं करेंगे। गन्ने से पश्चिम यूपी के किसानों का घर चलता है। सरकार का फैसला बेहद ही निंदनीय है।
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खेती घाटे का सौदा : दीपक कुमार
कांग्रेस के पूर्व मंत्री दीपक कुमार का कहना है कि वर्तमान में खेती करना घाटे का सौदा साबित हो रही है। किसानों को घर चलाना मुश्किल हो गया है। गन्ना मूल्य बढ़ाया जाना चाहिए था।
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किसानों के साथ सबसे बड़ा धोखा : मलिक
सपा विधायक पंकज मलिक का कहना है कि सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। किसी भी स्तर पर किसानों को राहत नहीं मिली है। किसान की आय घट गई है।
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भाजपा सरकार किसान विरोधी : मलिक
रालोद जिलाध्यक्ष संदीप मलिक ने कहा कि गन्ना किसानों के साथ गन्ने का भाव ना बढ़ाकर छलावा किया है। इससे जाहिर होता है कि सरकार किसान के प्रति बिल्कुल भी गंभीर नहीं है, सरकार ने किसानों को बर्बाद किया है। किसान आवारा पशुओं से दुखी है और दूसरी ओर उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ने का रेट न बढ़ाकर किसान की कमर को तोड़ने का काम किया है।
अनिल कुमार, विधायक
अनिल कुमार, विधायक
अनिल कुमार, विधायक
अनिल कुमार, विधायक
अनिल कुमार, विधायक
अनिल कुमार, विधायक
अनिल कुमार, विधायक
अनिल कुमार, विधायक
अनिल कुमार, विधायक
अनिल कुमार, विधायक
अनिल कुमार, विधायक
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