पशोपेश में किसान, गन्ना विभाग मार्च के अंतिम सप्ताह में कराएगा सर्वे
9.82 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई हुई थी सत्र 2021-2022 में
7.50 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई हो चुकी है सत्र 2022-2023
2 करोड़ क्विंटल गन्ना खेतों में, एक करोड़ क्विंटल का आवंटन नहीं हुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। मार्च माह का दूसरा सप्ताह चल रहा है और अभी भी करीब दो करोड़ क्विंटल गन्ना खेतों में खड़ा है। इसमें से एक करोड़ क्विंटल गन्ना अभी तक चीनी मिलों को आवंटन नहीं हो पाया है। करीब 50 हजार किसान पशोपेश में हैं और उन्हें चिंता है कि चीनी मिल गन्ने की पेराई करेंगी या नहीं। गन्ना विभाग का कहना है कि मार्च माह के अंतिम सप्ताह में गन्ना का सर्वे कराया जाएगा, उसके बाद अतिरिक्त गन्ने का आवंटन किया जाएगा।
जिले में गन्ना मुख्य फसल है। कुल दो लाख दस हेक्टेयर कृषि भूमि में से एक लाख 71 हजार 236 हेक्टेयर जमीन में गन्ने की खेती हो रही है। कुल 15 करोड़ क्विंटल गन्ने का उत्पादन होता है। लगभग साढे़ नौ करोड़ क्विंटल गन्ना चीनी मिलों को जाता है।
जिले में वर्ष 2021-22 में 9.82 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई हुई। इस बार भी पिछले वर्ष के बराबर ही पेराई होने की संभावना है। इस वर्ष अब तक साढे़ सात करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई हो चुकी है। किसानों के खेतों में लगभग दो करोड़ क्विंटल गन्ना है। इसमें एक करोड़ क्विंटल ऐसा है, जिसका आवंटन पहले ही हो चुका है।
किसान विजयपाल, विकास, मिंटू का कहना है कि चीनी मिल गन्ना पेराई कैलेंडर का दसवां पक्ष पूरा होने के बाद खेतों में खड़े गन्ने का आवंटन कराती है। ऐसी स्थिति में अब तक सर्वे शुरू हो जाना चाहिए था।भैसाना चीनी मिल को छोड़कर किसी भी चीनी मिल का दसवां पक्ष अभी तक शुरू नहीं हुआ।
जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि जिले की एक चीनी मिल का दसवां पक्ष चल रहा है। उसके क्षेत्र के किसानों का अतिरिक्त गन्ने का आवंटन जल्द हो जाएगा। कुछ का आठवां और कुछ का नौवां सप्ताह चल रहा है। 25 मार्च तक अधिकतम किसानों के खेतों के सर्वे के बाद अतिरिक्त गन्ने का आवंटन चीनी मिलों को हो जाएगा।