- दिल्ली मार्ग से हटी बसों को ग्रामीण व लंबी दूरी के दो मार्गों पर चलाने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर और खतौली परिवहन निगम डिपो की 125 बसों के दिल्ली न जाने से उनके संचालन के किलोमीटर घट गए हैं। जिस कारण दोनों डिपो को प्रतिदिन एक लाख रुपये आय का नुकसान हो रहा है। सभी बसों के दिल्ली न जाने के कारण यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही हैं। उधर, डिपो अधिकारियों ने दिल्ली मार्ग से हटी बसों को ग्रामीण व लंबी दूरी के दो मार्गों पर संचालित करने की तैयारी की है।
एक अक्तूबर से दिल्ली सरकार से बाहर बीएस-4 बसों के दिल्ली में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। मुजफ्फरनगर परिवहन निगम डिपो की 103 व खतौली डिपो की 22 बसों के दिल्ली संचालन पर रोक लगा दी है। इसके बाद से सभी बसे लोनी सीमा व कौशांबी तक ही जा रही हैं। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। यात्रियों को दिल्ली जाने में परेशानी हो रही है। अब दोनों डिपो की केवल बीएस-6 वाली 40 बसें ही दिल्ली जा रही हैं।
हटाई बसें अब इन मार्गाें पर चलेंगी
राष्ट्रीयकृत मार्ग-कुटेसरा, रोहाना, गढ़ी खाम, नावला, मुबारिकपुर, जीवना, बढ़ीवाला, शेरपुर, खुड्डा, बरेली से कौशांबी, बरेली से वाया फरीदाबाद, वाया मेरठ होकर अलीगढ़ कानपुर लगाई जा रही है। वहीं, खतौली डिपो की सभी बसों को कौशांबी से ऋषिकेश मार्ग पर लगाया गया है।
- कोटदिल्ली जाने वाली बसों के हटने के बाद प्रति बसों के संचालन में 82 किलोमीटर घट गए हैं, जिससे डिपो को लगभग 75 हजार रुपये प्रति दिन आय का नुकसान हो रहा है - भुवनेश्वर कुमार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, मुजफ्फरनगर डिपो।
खतौली डिपो की 22 बस दिल्ली नहीं जा रही है। इससे डिपो को प्रति दिन लगभग 25 हजार की आय का नुकसान हो रहा है। क्योंकि प्रति बस के 12 किलोमीटर घटे हैं - राकेश कुमार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, खतौली डिपो।