जनपद में 127 किसान ऐसे मिले हैं, जिनके नाम से चीनी मिलों में गन्ने की आपूर्ति तो हो रही है, लेकिन किसान के नाम कृषि की जमीन ही नहीं है। इन किसानों ने 93.302 हेक्टेयर यानी लगभग 1400 बीघा जमीन का गन्ना मिलों में डाला। ऐसे लोगों को बॉन्ड बंद करा दिए गए हैं।
जांच प्रक्रिया में यह भी सामने आया कि जिले में 1846 किसान ऐसे हैं, जो दिवंगत हो चुके हैं और उनके नाम आवंटित सट्टे से 800.891 हेक्टेयर जमीन का गन्ना चीनी मिलों में गया। जिले में 11 किसान ऐसे भी मिले जो डबल सट्टे का लाभ उठा रहे थे।
यह किसान 4.32 हेक्टेयर का गन्ना मिल में सप्लाई कर रहे थे। यही नहीं, जिले में 127 किसान ऐसे सामने आए हैं, जिनको उनकी कुल जमीन से ज्यादा का सट्टा आवंटन हो रहा था। कृषि योग्य भूमि से 25.1 हेक्टेयर अधिक रिकाॅर्ड में दर्ज मिली।
गलत तरीके से चल रहे बॉन्ड बंद किए जाएंगे
जिला गन्ना अधिकारी संजय सिसोदिया ने बताया कि जांच में जो मृतक, डबल सट्टा, अधिक भूमि में सट्टा और भूमिहीन के नाम सट्टा के किसान सामने आए हैं, इनके रिकाॅर्ड को दुरुस्त कर दिया गया है। गलत तरीके से चलाए जा रहे बाॅन्ड को बंद करने की प्रक्रिया अपनाई गई है।