- जिले के बीएस -4 डीजल 5750, बीएस-3 पेट्रोल वाले 1567 वाहन नहीं जा पाएंगे दिल्ली
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। देश की राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। बीएस-4 वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया है। जिले के 7317 वाहन अब दिल्ली में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
दिल्ली सरकार ने अपने राज्य में बीएस-4 डीजल वाले तथा बीएस-3 पेट्रोल वाले वाहनों पर प्रतिबंध लगाया है। जिस कारण जिले में दौड़ने वाले डीजल चालित 5750 बीएस-4 दुपहिया व चौपहिया वाहन तथा पेट्रोल चालित बीएस-3 वाले 1967 वाहन दिल्ली में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। जिले के मुजफ्फरनगर व खतौली परिवहन निगम डिपो की 34 बसों का आवागमन भी दिल्ली में प्रदूषण के चलते प्रतिबंधित किया गया है। बीएस-4 वाले चौपहिया वाहनों के दिल्ली में न जाने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।-
- जिले में प्रतिबंधित वाहनों की संख्या
पेट्रोल-बीएस-3 वाले 1967 वाहन
डीजल बीएस-4 वाले 5750 वाहन
डीजल चालित बीएस-4 वाहन
बस-319
टैक्सी-55
ट्रक-2796
कैब-163
थ्रीव्हीलर-136
कार- 2281
प्रतिबंधित रोडवेज बस डीजल चालित-
मुजफ्फरनगर डिपो-12
खतौली डिपो-22
जिले में बीएस-6 वाहनों की संख्या-
पेट्रोल-
दुपहिया वाहन-83741
चौपहिया वाहन-10129
बीएस-6 डीजल चालित वाहन
बस-115
टैक्सी-65
ट्रक-2123
बीएस-4 पेट्रोल व बीएस- 6 डीजल वाले वाहनों की तलाश
काफी लोग तो अपने चौपहिया बीएस-4 पेट्रोल व बीएस-6 डीजल वाले वाहनों से दिल्ली आना कर लेते हैं। जिनके पास ऐसे वाहन नहीं है वे लोग रोडवेज बस का सहारा ले रहे हैं लेकिन काफी लोग ऐसे भी है जो किराए पर टैक्सी या टैक्सी के रूप में चलाई जा रहे चौपहिया वाहनों को किराए पर ले जाते हैं। ऐसे वाहनों में ज्यादातर बीएस-3 पेट्रोल या बीएस-4 डीजल चालित वाहन हैं। इन वाहनों के दिल्ली में प्रतिबंधित किए जाने के बाद टैक्सी के रूप में चलाई जाने वाली बीएस-6 डीजल व पेट्रोल चालित बीएस-4 वाली कारों की मांग बढ़ गई है और लोग ऐसे वाहनों को तलाशते घूमते रहते हैं।
दिल्ली में होगा भारी जुर्माना-
बताया गया कि यदि भूलवश प्रतिबंधित वाहन को लेकर कोई दिल्ली चला जाता है तो वहां भारी जुर्माना भुगतना पड़ेगा। ऐसे वाहन दिल्ली से सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम व फरीदाबाद शहरों में भी प्रतिबंधित हैं।
- इन्होंने कहा
दिल्ली में प्रदूषण के कारण डीजल बीएस-4 व पेट्रोल वाले बीएस-3 वाहनों की एंट्री पर वर्तमान में प्रतिबंध लगाया गया है। वाहन स्वामी अपनी सुविधा व असुविधा को ध्यान में रखकर दिल्ली जाने के लिए वाहन का प्रयोग करें। -अजय कुमार, एआरटीओ।