भोपा। क्षेत्र की एक ग्राम पंचायत ऐसी भी है, जिसे दस वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत का दर्जा तो मिल गया पर यहां ना कोई स्कूल है, ना स्वास्थ्य केंद्र है और ना ही गांव मे आंगनबाड़ी सेंटर चलाता है। यहां के लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों के लिए ग्राम पंचायत से अलग गांव में जाना पड़ता है।
मोरना विकासखंड क्षेत्र के गांव रुड़कली का परिसीमन करते हुए 2015 में रुड़कली तालिब अली और रुड़कली फतेह अली के नाम दिए गए। पहले गांव में एक स्कूल हुआ करता था, जो अब रुड़कली फतेह अली में है। लगभग दस वर्ष पूर्व बनाई गई तालिब अली ग्राम पंचायत की आबादी लगभग सात हजार है और लगभग 45 सौ मतदाता है।
लेकिन ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से दूर है। ग्राम पंचायत में ना तो कोई अस्पताल है, ना विद्यालय है और ना ही यहां आंगनबाड़ी सेंटर चलता है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत बनने का उन्हें पूरी तरह से लाभ नहीं मिल रहा है। यहां प्रारंभिक शिक्षा और स्वास्थ्य लाभ के लिए ग्राम पंचायत से बाहर जाना पड़ता है। गांव में पर्याप्त मात्रा में लोगों के आवास भी नहीं बन सके हैं।
किराए के मकान में चलती है ग्राम पंचायत की सरकार
ग्राम प्रधान मेहरूबा का कहना है कि रुड़कली तालिब अली ग्राम पंचायत में स्कूल व अस्पताल नहीं है। ग्राम पंचायत मे पंचायत का सचिवालय भी नहीं है। उन्होंने सचिवालय के लिए किराए पर एक मकान ले रखा है। उसी में बैठकर पंचायत के अधिकांश कार्य किये जाते हैं। समस्याओं से उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया है। इस और ध्यान देना चाहिए।
रवि कुमार एडवोकेट का कहना है कि ग्राम पंचायत को कस्बे आदि से जोड़ने वाले तिस्सा मार्ग की हालत खस्ता है। यह मार्ग मुख्य मार्गों मे से एक है। अधिकारियों को ग्राम पंचायत की समस्याओं वह मार्ग की और ध्यान देना चाहिए।
ग्रामीण अब्दुला का कहना है कि लगभग 10 साल बीत जाने के बाद भी लोगों को ग्राम पंचायत होने का पूर्ण रूप से लाभ नहीं मिल पा रहा है। शासन प्रशासन की अनदेखी के कारण ग्रामीण अनेकों सरकारी योजनाओं से भी वह दूर है।
पूर्व प्रधान मोहम्मद उस्मान का कहना कि हर एक व्यक्ति के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों ही महत्वपूर्ण है। दोनों के लिए ही ग्राम के लोगों को बाहर जाना होता है। शासन-प्रशासन को इन समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए।