- भाकियू की पंचायत में त्यागी समाज की नोएडा में होने वाली महापंचायत का किया समर्थन
- भाकियू अध्यक्ष बोले, ट्यूबवेल पर मीटर लगाए तो उखाड़कर बिजलीघर पर भिजवा दो
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि लखीमपुर में कानून व्यवस्था तार-तार हुई है। दोषी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र उर्फ टेनी को न तो पद से हटाया गया और न ही उसकी गिरफ्तारी की गई, जबकि श्रीकांत त्यागी पर इनाम घोषित कर दिया गया। परिवार को प्रताड़ित किया गया। यूपी में बिजली महंगी है। किसानों से कहा कि अगर कोई ट्यूबवेल पर मीटर लगाए तो उखाड़कर बिजलीघर पर भिजवा देना।
डीएम ऑफिस पर चल रहा भाकियू का धरना शनिवार को समाप्त हो गया। कलक्ट्रेट में हुई पंचायत में चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि किसानों पर गाड़ी चढ़वाले मंत्री को बचाने के लिए सरकार तानाशाही पर उतर आई है। कानून में जो अपराध है, उसकी सजा उसे मिलनी चाहिए। किसानों की मांग है कि दोषी मंत्री को केंद्र सरकार मंत्री मंडल से बर्खास्त करें और उसे जेल भेजा जाएं। दूसरी तरफ, नोएडा में श्रीकांत त्यागी पर बेवजह इतनी बड़ी कार्रवाई कर दी गई, श्रीकांत त्यागी के परिवार की क्या गलती थी। त्यागी समाज भाजपा का वोटर कहा जाता है, आज इस समाज के व्यक्ति का भी उत्पीड़न हो रहा है। 25 हजार का इनाम, रासुका पता नहीं क्या-क्या कर दिया। इन घटनाओं से सरकार की सच्चाई जनता के सामने आ रही है। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम लिखित मांगपत्र सिटी मजिस्ट्रेट अनूप कुमार और सीओ सिटी कुलदीप कुमार को दिया।
कलक्ट्रेट में किसानों ने गाड़ दिया तंबू
शनिवार को धरने पर अधिक भीड़ रही। किसान भाकियू का झंडा और टोपी लगाकर अपने ट्रैक्टर ट्राली के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे। ट्रैक्टर डीएम कार्यालय परिसर तक खड़े कर दिए गए। जिला मुख्यालय पर इस धरने का नेतृत्व भाकियू युवा विंग के अध्यक्ष गौरव टिकैत और जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा ने किया।
भाजपा का एजेंट बन गया पुलिस-प्रशासन
टिकैत ने कहा कि पुलिस और प्रशासन के अफसर भाजपा का एजेंट बनकर काम कर रहे है। किसानों की पीड़ा उनको दिखाई नहीं दे रही है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र उर्फ टेनी की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी, एमएसपी पर गारंटी कानून बनाने, बिजली दरों और नलकूपों पर विद्युत मीटर लगाए जाने, अग्निपथ योजना वापस लेने, शहीद किसानों के परिवारों को मुआवजा, किसानों पर दर्ज मुकदमों की वापसी की मांग के लिए आंदोलन किया जा रहा है।
ये रहे मौजूद
प्रदर्शन में मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा, युवा जिलाध्यक्ष कपिल सोम, महानगर अध्यक्ष गुलबहार राव, बघरा ब्लाक अध्यक्ष अमरजीत, संजय त्यागी, बिजेंद्र बालियान, मांगेराम त्यागी, विकास शर्मा, राजेंद्र सैनी, राशिद कुरैशी, अमित त्यागी, भोला त्यागी, टीटू राठी, आस मौहम्मद, रवि पाल, राजू पीनना, बालेंद्र, दुष्यंत कुमार, नीटू दुल्हैरा और विनय कुमार आदि किसान मौजूद रहे।
एक पुलिस अफसर ने मुझे इलाज करने की धमकी दी : गौरव टिकैत
भाकियू युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत ने कहा कि हम लोग तीन दिन से यहां पर बैठे हुए हैं, लेकिन किसी प्रशासनिक अधिकारी ने हमारी कोई सुध नहीं ली। किसानों के लिए पानी तक का प्रबंध भी नहीं कराया गया है। उन्होंने कहा कि एक पुलिस अधिकारी आया था और बड़े रौब से हमें धमकाते हुए कहा कि मैं इलाज कर देता हूं, उसके बाद वह भी नहीं आया। हम किसी भी इलाज से नहीं डरते हैं, ये किसानों की धरती है और अफसर ये न भूलें कि किसानों को अपनी बात मनवानी आती है।
रालोद ने भाकियू की पंचायत को दिया समर्थन
बुढ़ाना से रालोद विधायक और सदन में रालोद विधायक दल के नेता राजपाल बालियान, पूर्व जिलाध्यक्ष अजीत राठी ने पार्टी के अन्य नेताओं के साथ धरने पर पहुंचकर पार्टी की ओर से समर्थन दिया।
कढ़ाई भी चढ़ी, हुक्का भी गुड़गुड़ाया
भाकियू के डीएम कार्यालय पर डेरा जमाने के बाद किसानों ने कढ़ाई भी यहीं पर चढ़ाई और हुक्का भी गुड़गुड़ाया। रात में मच्छरदानी लगाई गई और दिन में टेंट लगा दिया गया। 18 अगस्त से किसानों का धरना लगातार जारी रहा।
कलक्ट्रेट में जमे किसान तो अफसर नहीं पहुंचे
कलक्ट्रेट में किसानों की धमक का असर यह रहा कि शनिवार को कई अधिकारी अपने कार्यालय में नहीं पहुंचे। कार्यालयों पर ताला लटका रहा। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने जानसठ में जनसमस्याएं सुनी। एडीएम अरविंद मिश्रा अपने कार्यालय नहीं आए। धरने पर मौजूद किसानों ने चेतावनी दे डाली कि अफसरों में दम है तो वह अपने दफ्तर आकर दिखाए। जिले भर से आने वाले फरियादियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पटवारी से लेकर डीएम तक जनता की सेवा करें
भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि जिला प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी है। पटवारी से लेकर डीएम और होमगार्ड से लेकर पुलिस कप्तान तक जनता की सेवा करने का कार्य करें। छोटी-छोटी समस्याएं निपटा दी जाएगी तो किसानों को जिला मुख्यालय पर चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उधर, पंचायत में सीओ सिटी के व्यवहार को लेकर भी किसानों ने नाराजगी जताई। टिकैत ने भी सीओ के साथ मधुर व्यवहार करने की बात कही।