वहीं, मामला मीडिया में आने के बाद सीएमओ संजय अग्रवाल ने एसीएमओ विनोद कुमार को उक्त अप्रशिक्षित डॉक्टर के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। शनिवार को सीएमओ के निर्देश पर एसीएमओ डॉ. विनोद कुमार आर्यपुरी स्थित आयत चाइल्ड क्लिनिक पहुंचे, जहां पर उन्होंने क्लीनिक से संबंधित कागज चेक किए और राशिद अली की डिग्री मांगी, लेकिन उनके पास कोई डिग्री नहीं मिली। इस दौरान वे क्लीनिक से संबंधित कोई कागज भी नहीं दिखा पाए। जिसके बाद एसीएमओ ने उक्त क्लीनिक को सील कर दिया।
इसके बाद एसीएमओ जैन बाग स्थित सरकारी अस्पताल रोड पर मलिक चाइल्ड केयर सेंटर पर पहुंचे। यहां पर भी डॉक्टर जुनैद के पास डिग्री नहीं मिली। इसको भी एसीएमओ ने सील कर दिया। इसके अलावा एसीएमओ आर्यपुरी स्थित दुआ चाइल्ड हेल्थ केयर क्लीनिक पर पहुंचे। यहां पर क्लीनिक के बोर्ड पर एमबीबीएस डॉक्टर देवानंद झा का नाम लिखा मिला। जिसके बाद एसीएमओ ने डॉक्टर की उपस्थिति के बारे में जानकारी की तो पता लगा कि डॉक्टर तो पानीपत में बैठते हैं।
इसके अलावा क्लीनिक के डॉक्टर बिलाल के पास बीएएमएस की डिग्री के पेपर मिले। जो केवल आर्युवेद की होती है। ऐसे डाक्टरों को केवल ओपीडी की अनुमति है। मरीज भर्ती करने की अनुमति नहीं हैं, लेकिन क्लीनिक के अंदर दो मरीज व दो बच्चे भर्ती मिले। इसके बाद एसीएमओ ने उक्त क्लीनिक संचालक को नोटिस जारी कर जवाब देने के लिए कहा।
तीन क्लीनिकों पर कार्रवाई की खानापूर्ति
अप्रशिक्षित डॉक्टर की लापरवाही से नवजात की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग नींद से जगा है, लेकिन कैराना नगर सहित आसपास के गांवों में दर्जनों अप्रशिक्षित डॉक्टर बिना किसी डिग्री के क्लीनिक खोलकर बैठे हैं और मासूम बच्चों व लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहें हैं। शनिवार को सीएमओ के निर्देश पर एसीएमओ विनोद कुमार ने मात्र दो क्लीनिक सील किए और तीसरे क्लीनिक को नोटिस जारी कर खानापूर्ति की गई हैं, जबकि इनके अलावा किसी भी क्लीनिक की न तो जांच की गई है और न ही उन तक एसीएमओ पहुंच सके।
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