मुजफ्फरनगर। बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने कहा कि प्रदेश में अति पिछड़ी जाति के लोगों को सम्मान देने का काम केवल बसपा ने ही किया है। भाजपा और सपा ने केवल इनके अधिकारों को छीनने का काम किया है। निकाय चुनाव में आरक्षण के प्रकरण ने भाजपा की पिछड़ों के प्रति सोच को भी उजागर किया है। भाजपा को बाबा आंबेडकर के संविधान पर भरोसा नहीं है।
जानसठ रोड स्थित एक बैंक्वेट हॉल में सोमवार को बसपा के कार्यकर्ता सम्मेलन हुआ। प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल और प्रदेश प्रभारी इमरान मसूद का स्वागत किया। पाल ने कहा कि बसपा सरकार बनने के बाद ही अति पिछड़ा वर्ग के लोगों को वोट लेने का अधिकार मिला। 32 सालों तक पिछड़ी जाति के लोग केवल वोट दिया करते थे। उन्हें कभी भी वोट लेने का अधिकार नहीं दिया।
1984 में बसपा का गठन होने के बाद पिछड़ी जाति के लोगों को सम्मान मिलना शुरु हुआ। इसके बाद जब बसपा अध्यक्ष मायावती मुख्यमंत्री बनीं तो सर्व समाज के लोग विधायक और मंत्री बने। मौके पर जिलाध्यक्ष सतीश रवि, सत्यप्रकाश, सलमान सईद, जियाउर्रहमान, प्रेमचंद गौतम, जनेशर प्रसाद, देविदाश जयंत, विकास कुमार, ब्रिजेश लोहड्डा, कुलवीर पाल, पुष्पांकर पाल, बाबर सलमानी, प्रधान सिराजुद्दीन, अरविंद मौजूद रहे।
बसपा ने दलितों और पिछड़ों को दिलाए अधिकार : मसूद
प्रदेश प्रभारी इमरान मसूद ने कहा कि बसपा ने दलितों और पिछड़ों को उनका अधिकार दिलाया है। बसपा एक मूवमेंट है। उन्होंने कहा कि भाजपा पिछड़ी जाति के लोगों की गिनती इसलिए नहीं कराना चाहती है, क्योंकि उन्हें फिर उनके अधिकार देने होंगे। इन लोगों के अधिकारों पर डाका डाला गया।
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सपा ने किया पिछड़ों को गुमराह
बसपा प्रदेशाध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने पिछड़ी जाति के लोगों को गुमराह करने का काम किया है। सपा नेताओं ने लोगों को गुमराह किया कि भाजपा की लड़ाई में केवल सपा है, बसपा उस लड़ाई में नहीं है। ऐसे में लोग सपा की बातों में आ गए और जिसका फायदा भाजपा को मिला। किसी को भी विपक्षी दलों के नेताओं पर विश्वास नहीं करना है। निकाय चुनाव में बसपा के साथ होकर उन्हें जिताने का काम करें।
अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी
कार्यकर्ता सम्मेलन की अव्यवस्थाओं पर बसपा प्रदेशाध्यक्ष ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने माइक से ही कई बार नाराज होते हुए कहा कि पूरे मंडल में कार्यक्रम करके आ रहा हूं, लेकिन यहां जैसी अव्यवस्था कहीं भी देखने को नहीं मिली।