- एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी, एक जनपद एक उत्पाद में भी शामिल
- गुड़ की टेस्टिंग के लिए आगरा भेजना पड़ता है नमूना
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। देश के सबसे बड़े गुड़ उत्पादक जिले में आज तक गुड़ की गुणवत्ता की जांच के लिए टेस्टिंग लैब नहीं है। यह तब है जब एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी यहीं है।
एक जनपद एक उत्पाद में जिले में गुड़ को शामिल किया गया है। गुड़ की गुणवत्ता की जांच के लिए सैंपल आगरा भेजना पड़ता है। गुड़ व्यापारी यहां बीते कई दशकों से टेस्टिंग लैब की मांग करते आ रहे हैं। ग्रामीण अंचल में तीन हजार से अधिक कोल्हुओं में गुड़ बनाया जाता है। प्रतिवर्ष इस उद्योग से दस हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलता है। एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी यहीं पर है। गुड़ भंडारण के लिए 15 लाख से अधिक गुड़ के कट्टों के भंडारण की व्यवस्था यहां पर है। यहां से गुड़ प्रदेश में ही नहीं देश के कोने-कोने में जाता है।
यहां से सर्वाधिक गुड़ गुजरात और राजस्थान में जाता है। जब से जिला एक जनपद, एक उत्पाद में शामिल हुआ है तब से यहां का गुड़ विदेशों में भी जाने लगा है। कुछ लोग आर्गेनिक गुड़ तैयार कर रहे हैं, जिसकी विदेशों में मांग है। गुड़ की गुणवत्ता की जांच की कोई व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ओडीओपी में टेस्टिंग लैब प्रस्तावित
गुड़ खांडसारी एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय मित्तल का कहना है कि ओडीओपी में नवीन मंडी स्थल पर टेस्टिंग लैब प्रस्तावित है, लेकिन अभी तक यहां स्थापित नहीं हो पाई है। गुड़ की गुणवत्ता की जांच के लिए सैंपल आगरा और लखनऊ भेजना पड़ता है। सरकार को इस पर तत्काल ध्यान देना चाहिए। जिला उद्योग केंद्र की उपायुक्त जैस्मिन का कहना है एक जनपद एक उत्पाद में जनपद में जल्द ही दो टेस्टिंग लैब बनेंगी। आगामी सत्र से गुड़ की टेस्टिंग यहां शुरू हो जाएगी।