फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Muzaffarnagar News: दिल्ली और हरियाणा को भी मजबूती दे रहा मुजफ्फरनगर का लोहा

विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। लोहा और इस्पात उद्योग जनपद की अर्थव्यवस्था को ऊंचाई प्रदान कर रहा है। जिले की औद्योगिक इकाइयों में तैयार हो रहा सरिया, गार्डर और एंगिल आदि दिल्ली और हरियाणा भी सप्लाई हो रहा है। जबकि प्रदेश के एक दर्जन से अधिक जनपदों में भी जिले के लौह उत्पाद की मांग है। जनपद में संचालित औद्योगिक इकाइयों में प्रतिमाह लगभग 80 से 90 हजार टन गर्डर और सरिये आदि का उत्पादन होता है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में जिले की अहम भूमिका है। स्टील उद्योग के माध्यम से न सिर्फ हजारों लोगोंं को रोजगार मुहैया हो रहा है। बल्कि यह जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी साबित हो रहा है। एक अनुमान के अनुसार जनपद में 400 करोड़ से अधिक रुपये का लोहे का उत्पादन होता है। जिले में संचालित फर्नेस एवं अन्य औद्योगिक इकाइयों में इंगट सहित टीएमटी और राउंड सरिया सहित गर्डर, एंगिल आयरन का उत्पादन होता है। कुछ इकाइयों में फर्नेस से इंगट बनाए जाने के साथ अन्य उत्पाद भी तैयार होते हैं। जिनमें महत्वपूर्ण स्ट्रक्चरल आयरन है। टीएमटी सरिया आम तौर से भवन निर्माण में काम आता है, जबकि लोहे की एंगिल और पत्ती, चैनल तथा राउंड व स्क्वायर सरिया का प्रयोग स्ट्रक्चरल आइटम तैयार करने में होता है। जनपद में तैयार लौह उत्पाद विभिन्न प्रदेशों सहित दूर-दराज के जनपदों में भी सप्लाई हो रहा है। जिले में निर्मित गर्डर जनपद मथुरा, अलीगढ, आगरा, हाथरस और एटा तथा इटावा। जबकि सरिया गाजियाबाद, कर्नाल, अंबाला और गुरुग्राम भी सप्लाई हो रहा है। एंगिल आयरन की बरेली, शाहजहांपुर तथा बदायूं में काफी डिमांड है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें