मुजफ्फरनगर में अलनूर मीट प्लांट में तालाबंदी कर पुलिस पर हमला करने और तोडफ़ोड़ के मामले में आज एमपी/ एमएलए की विशेष कोर्ट में सुनवाई मंगलवार तक टल गई है। भाजपा के पूर्व विधायक उमेश मलिक समेत अन्य 16 लोगों को आरोपी बनाया गया था।
जानसठ रोड स्थित अल नूर मीट प्लांट को 18 साल पहले 10 अगस्त 2006 को बंद करने की मांग को लेकर हिंदूवादी नेताओं ने हंगामा किया था। इसी के साथ मीट प्लांट के गेट पर हवन यज्ञ कर आने जाने वाले वाहनों को रोक दिया था।
14 अगस्त को प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर हमला करते हुए तोडफोड़ व आगजनी की थी। इस मामले में थाना सिखेड़ा में दरोगा इंदल सिंह ने मारपीट, तोडफ़ोड़, बलवा, सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत अन्य धाराओं में भाजपा के पूर्व विधायक उमेश मलिक, तत्कालीन शिवसेना नेता ललित मोहन शर्मा, हिंदू नेता नरेंद्र पंवार समेत 16 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। प्रकरण की सुनवाई विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट में चल रही है। आज इस पर फैसला आने की संभावना थी लेकिन अब सुनवाई मंगलवार तक टल गई है।