मुजफ्फरनगर के एसडी इंटर काॅलेज के कक्षा 11 के छात्र राहुल की मौत के मामले में परिजनों ने शुक्रवार दोपहर एसएसपी कार्यालय पर हंगामा किया। महिलाएं एसएसपी की गाड़ी के सामने लेट गईं। काॅलेज प्रधानाचार्य और शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। एसएसपी के आदेश पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने छात्र के अपहरण के मुकदमे को आत्महत्या के लिए उकसाने, धमकी देने और एससी/एसटी एक्ट के तहत प्रधानाचार्य और शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
मंसूरपुर थाने के गांव लछेड़ा निवासी अनुसूचित जाति के यमना कुमार का बेटा राहुल (15) एसडी इंटर काॅलेज में कक्षा 11 का छात्र था। वह 15 मई दोपहर से लापता था। सिविल लाइन थाने में परिजनों ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। तभी से पुलिस और परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। बृहस्पतिवार को परिजनों को सूचना मिली कि राहुल का शव बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन से कुछ दूर तीन दिन पहले मिला था। शव मोर्चरी में रखा है। परिजन और पुलिस मोर्चरी पहुंचे थे। कपड़ों और कमर के निशान से परिजनों ने मृतक की शिनाख्त अपने बेटे राहुल के रूप में की। मगर, शव लेने से इंकार कर दिया था।
परिजनों ने सिविल लाइन थाना पुलिस को बताया था कि उनके बेटे को 15 मई को काॅलेज में एक शिक्षक ने डांटा था और उसका बैग भी अपने पास रख लिया था। शिक्षक की डांट से परेशान राहुल ने आत्महत्या कर ली। बेटे को तलाशने के दौरान प्रधानाचार्य ने भी यमना कुमार के साथ अभद्रता की थी। आरोप लगाया कि प्रधानाचार्य और शिक्षक की प्रताड़ना से आहत होकर राहुल ने आत्महत्या की है।