शाहपुर थाना क्षेत्र के किनौनी गांव निवासी कुख्यात विनोद बावला ने गैंगस्टर के करीब 19 साल पुराने मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद सरेंडर कर दिया। प्रकरण के वारंट रिकॉल किए गए। अगली सुनवाई के लिए 24 जून नियत की गई है।
कुख्यात विनोद बावला पर शामली के थानाभवन थाने में वर्ष 2007 में गैंगस्टर की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। लंबे समय तक वह पुलिस पकड़ से दूर रहा। जेल गया तो कानूनी लड़ाई में जीत मिली और गांव में हुए दोहरे हत्याकांड में उसे दोषमुक्त करार दिया गया था। इस दौरान थानाभवन के गैंगस्टर के मुकदमे में समन भेजे जाने के बावजूद आरोपी पेश नहीं हुआ। अदालत ने गैर जमानत वारंट जारी कर दिए थे। सोमवार को गैंगस्टर न्यायालय में आरोपी ने सरेंडर कर दिया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता के माध्यम से वारंट रिकॉल कराए गए।
गैंगस्टर एक्ट में नूर मोहम्मद को दो साल कारावास
विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) ने नूर मोहम्मद को दो साल कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर सात दिन का अतिरिक्त कारावास होगा। अभियुक्त बिजनौर के बेग्गावाली का रहने वाला है। शहर कोतवाली पुलिस ने वर्ष 2011 में प्राथमिकी दर्ज की थी। अभियोजन पक्ष ने सोमवार को आरोपों को साबित किया, इसके बाद सजा सुनाई गई।