बताया गया कि वारदात के दौरान जिले में तैनात रहे एसपी श्रीशचंद को साक्ष्य के लिए हाजिर होना था। पिछले चार साल से अदालत की ओर से लगातार सूचना भेजी जा रही है, लेकिन पुलिस अधिकारी अदालत नहीं पहुंचे, जिससे प्रकरण की सुनवाई टल रही है।
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शनिवार को अदालत में आरोपियों ने हाजिरी माफी प्रस्तुत की, जिसे आज के लिए स्वीकृत कर लिया गया। लेकिन साक्ष्य के लिए बुलाए गए एसपी संभल के नहीं पहुंचने पर अदालत ने आपत्तिज जताई और गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। प्रकरण की अगली सुनवाई तीन जुलाई को होगी। बरेली जोन के पुलिस महानिदेशक को भी पत्र लिखा गया है।