हाथ से लिखे कुरान के साथ शाजिया और उसके परिजन।
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कहते हैं जहां चाह, वहां राह। इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया मोरना की छात्रा शाजिया ने। छात्रा ने कुरान हाथ से लिखने में कामयाबी हासिल की। छात्रा के माता-पिता ने कहा कि यह उनके और पूरे क्षेत्र के लोगों के लिए गौरव की बात है।
ब्लॉक क्षेत्र के गांव मोरना निवासी शौकत अंसारी की 22 वर्षीय बेटी शाजिया ने पाक कुरान अपने हाथों से लिखा। मदरसा कासिमुल उलूम तेवडा के नायब मोहतमिम मुफ्ती इकबाल ने कहा कि शाजिया ने एक साल की कड़ी मेहनत के बाद यह कामयाबी हासिल की। साजिया ने कुरान को हाथ से लिखकर एक मिसाल कायम की। बताया कि उसने कई मौलवियों से कुरान पढ़ा है। परिवार ने उसका बहुत साथ दिया और कुरान लिखने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए।
21 अगस्त 2023 से पवित्र कुरान लिखना शुरू किया था। 10 नवम्बर 2024 को मुकम्मल कर दिया। बताया कि 771 पेज के कुरान को बॉलपेन से लिखा है। पिता शौकत अंसारी ने बताया कि शाजिया मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी हैदराबाद की बीए उर्दू की द्वितीय वर्ष की छात्रा है। छात्रा के घर पहुंचे कारी आरिफ, कारी निसार, कारी मोहसिन, मौलाना मुजफ्फरूज्जमा, मौलाना मुमताज, नदीम, मकसूद, शराफत, ईशा अंसारी ने खुशी जताई।