- शासन ने प्रदेश की नगर निगम और दो पालिकाओं का किया है चयन
- इलेक्ट्रिक बस अड्डे के लिए पांच एकड़ जमीन चिह्नित करने में जुटे अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। शहर के लोगों को प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद है। प्रदेश की समस्त नगर निगमों के साथ मुजफ्फरनगर शहर को भी इलेक्ट्रिक बस योजना में शामिल किया गया है। शासन ने पालिका को पांच एकड़ जमीन की तलाश करने के निर्देश दिए हैं। जमीन पर इलेक्ट्रिक बस अड्डा बनाया जाएगा। बस के जरिए शहर के मुख्य बस अड्डों और रेलवे स्टेशन को जोड़े जाने की योजना है।
प्रदेश सरकार नगरों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करने जा रही है। बड़ा क्षेत्रफल होने के कारण नगर निगमों साथ मुजफ्फरनगर और हापुड़ नगरपालिका को भी इसमें शामिल किया गया है। पूरे प्रदेश के लिए 1900 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी। मुजफ्फरनगर को भी लगभग 50 बसें मिलने की संभावना है। शासन ने नगर पालिका को पत्र लिखकर इलेक्ट्रिक बस अड्डे के लिए पांच एकड़ जमीन की व्यवस्था करने के लिए कहा है। बस अड्डे पर ही इलेक्ट्रिक बसें खड़ी होंगी। शहर में हाईवे के मुख्य मार्गों से शहर तक ये बसें चलाई जाएंगी।
इस तरह चलाई जाएंगी बसें
इनमें वहलना चौक से मीनाक्षी चौक, रामपुर तिराहे से अस्पताल तिराहा, भोपा बाई पास से विश्वकर्मा चौक, जानसठ रोड से पुल तक आदि शामिल हैं। ईओ हेमराज ने बताया कि शासन का पत्र उन्हें मिल गया है। इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए पांच एकड़ जमीन की व्यवस्था करने के लिए एसडीएम सदर को लिखा गया है। शहर में जो गांव शामिल हुए हैं उनमें से किसी एक स्थान पर जमीन चिह्नित करने के लिए कहा गया है। इस समय शहर की यातायात व्यवस्था बेपटरी है। करीब आठ हजार ई-रिक्शा संचालित हैं। इनके लिए रूट तय नहीं किया गया है। इसके अलावा टेंपो भी संचालित किए जा रहे हैं। जिससे आए दिन जाम के हालात बने रहते हैं।