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Muzaffarnagar News: मुस्लिम समाज ने की पंचायत, छात्र का पिता बोला, अब मेरे हाथ में नहीं बात

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मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। मुस्लिम त्यागी समाज की पंचायत में खुब्बापुर गांव की एकता और भाईचारे पर बल दिया गया। पंचायत ने पंच चुनकर पीडि़त छात्र के घर समझौते के लिए भेजे। पीडि़त के पिता ने कहा कि अब उसके हाथ में बात नहीं है। वह कानूनी कार्रवाई चाहता है। इसके बाद पंच लौट गए।
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खुब्बापुर के भाकियू नेता सिमरुद्दीन के घेर में मुस्लिम त्यागी समाज की पंचायत में बसधाड़ा, अलियारपुर, हुजूरनगर समेत अन्य गांव के लोग शामिल हुए। पंचायत ने कहा कि भाईचारे से बड़ी कोई ताकत नहीं है। शिक्षिका ने माफी मांग ली है, अब इस मामले को नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। कुछ लोग राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। समझौते के लिए पीडि़त के घर पांच लोग भेजे गए, लेकिन पीड़ित पक्ष कानूनी कार्रवाई पर अड़ा हुआ है।
छात्र के पिता ने कहा कि अब बात उसके हाथ में नहीं है। पंचायत ने पूछा कि किसके हाथ में है, तो कोई संतोषजनक जवाब पंचायत को नहीं मिला। इसके बाद पंच वापस लौट गए। जल्द ही दोबारा भी गांव में पंचायत बुलाए जाने की तैयारी है। पंचायत में सिमरुद्दीन, बसधाड़ा के भूरा त्यागी, इसरार प्रधान, जहीर प्रधान, इमरान प्रधान, जिला पंचायत सदस्य सलीम, मेहरबान, जीशान, सादा त्यागी, मारूफ शामिल हुए।
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- इन्होंने भी किया प्रयास
त्यागी समाज के गणमान्य लोग दोबारा समझौते के प्रयास में जुटे हैं। भूमिहार समाज के अध्यक्ष मांगेराम त्यागी, हरिओम त्यागी, राजेश त्यागी, योगेंद्र मुबारिकपुर, विदुर, महेंद्र सिंह, मोनू पुरा, क्षेत्रीय त्यागी समाज के अध्यक्ष संजीव त्यागी ने गांव में पहुंचकर लोगों को समझाया तथा शांति बनाए रखने की अपील की। जितेंद्र त्यागी, दुष्यंत त्यागी, सत्य प्रकाश त्यागी त्यागी, रविंद्र जीशान, विनीत, साबिर, जयप्रकाश उपस्थित रहे। उधर, बुुजुर्ग हनीफ त्यागी का कहना है कि हमेशा हिंदू-मुस्लिम आपसी भाईचारे के साथ रहते आए हैं। जिम्मेवार लोगों ने फैसला कर दिया है तो दोनों पक्षों को गांव की शांति के लिए फैसला मान लेना चाहिए।
- अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों ने भी मारे थे चांटे
मुस्लिम समाज के लोगों ने कहा कि बात को हिंदू-मुस्ल्मि का रंग दिया जा रहा है। वायरल वीडियो में अल्पसंख्यक समाज के बच्चे भी पीड़ित छात्र को चांटे और मुक्के मार रहे हैं। गांव के लोग हकीकत जानते हैं, लेकिन बाहर के लोग सच नहीं जानते।
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