मुजफ्फरनगर। नगर पालिका के स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से सफाई व्यवस्था में लगे वाहनों में जीपीएस सिस्टम फेल हो गया है। पालिका के 71 में से 68 वाहनों का जीपीएस सिस्टम फेल होने पर भी स्वास्थ्य विभाग ने ईओ को जानकारी नहीं दी। इतना ही नहीं दो साल में भी कंपनी का भुगतान नहीं किया गया। ईओ प्रज्ञा सिंह ने बताया कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
पालिका में साफ- सफाई और अन्य कार्यों में लगे वाहनों की तकनीकी निगरानी के लिए जीपीएस ट्रैकर ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम लगवाने का काम किया गया था ताकि सफाई व्यवस्था में लगे वाहन चालकों और कर्मियों की निगरानी के साथ ही उनको जिम्मेदार भी बनाया जा सके। स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत प्राप्त बजट के सहारे 73 वाहनों में जीपीएस ट्रैकर लगाने के लिए पालिका प्रशासन ने 2022 में टेंडर निकाला था। इसमें कई कंपनियों ने अपनी निविदा डाली और इंदौर की कंपनी बैच मास्टर सॉफ्टवेयर प्रा.लि. की निविदा स्वीकृत की गई थी।
मार्च 2022 में वर्क ऑर्डर मिलने के बाद कंपनी ने अपने इंजीनियर भेजे और पालिका के स्वास्थ्य विभाग द्वारा 71 वाहन कंपनी को उपलब्ध कराए गए गए, जिनमें कंपनी ने जीपीएस ट्रैकर लगा दिए थे। इसमें कंपनी के अनुबंध के साथ पालिका ने यह शर्त भी लगाई थी कि वाहनों में लगे जीपीएस ट्रैकर के रखरखाव के लिए कंपनी तीन साल तक सेवा प्रदान करेगी। जीपीएस ट्रैकर खराब होता है तो कंपनी को अपने खर्च पर ही उसको सही कराना होगा।
काम खत्म करने के बाद कंपनी ने 3 लाख 89 हजार 366 रुपये का बिल भुगतान के लिए 2022 में ही पालिका के स्वास्थ्य विभाग को भेजकर भुगतान की डिमांड की, लेकिन दो साल से ज्यादा का समय व्यतीत होने के बावजूद भी पालिका ने भुगतान नहीं दिया। इन दो सालों में वाहनों में लगाए गए जीपीएस ट्रैकर भी अधिकांश खराब हो गए हैं।
ईओ ने मामले में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अतुल कुमार को तलब करते हुए रिपोर्ट मांगी। डॉ अतुल ने कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाया। कंपनी ने अपनी शिकायत में ईओ को बताया कि भुगतान की मांग करने के बाद नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल कुमार ने 20 मार्च 2024 को कंपनी को अवगत कराया था कि 71 में से 68 वाहनों में लगे जीपीएस ट्रैकर काम नहीं कर रहे हैं। उन्हें ठीक करने के लिए कंपनी ने इंजीनियर सौरभ थोराट को यहां भेज दिया था। इंजीनियर को केवल 18 वाहन ही उपलब्ध कराए गए, जिनके जीपीएस ट्रैकर ठीक करा दिए गए थे। ईओ प्रज्ञा सिंह ने बताया कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है।