अलम, जुलजनाह और झूला बरामद हुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। मुहर्रम की नौ तारीख को अली असगर की शहादत पर मातमी जुलूस निकाला गया। अलम, जुलजनाह और झूला बरामद हुआ। जुलूस में शिया सोगवारों ने मातमपुर्सी की।
मोहल्ला जैन नगर स्थित मस्जिद अमीरुल मोमिनीन में आयोजित मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना जाकिर सैदपुरी ने कहा कि करबला में इमाम हुसैन ने अपने कुनबे के 72 लोगों के साथ शहादत देकर इस्लाम को जिंदा रखा। उन्होंने करबला में छह माह के बच्चे अली असगर की शहादत के बारे बताया तो शिया सोगवार जार-जार रोने लगे। इसके बाद मातमी जुलूस जैन नगर की गली नंबर एक से होकर निकाला गया। इसमें अलम, जुलजनाह और झूला बरामद हुआ।
जुलूस गली नंबर दो से होता हुआ मस्जिद अमीरुल मोमिनीन पहुंच कर संपन्न हुआ। जुलूस में अंजुमन शैदाए हुसैनी मैम्मन बिजनौर, अंजुमन खुमैनी के अजादारों ने भाग लिया। मरसिया ख्वानी जुल्फिकार दीवान, विकार हुसैन, राशिद जैदी, अमीर अब्बास उर्फ छुग्गन ने की। नोहा ख्वानी महमूद असगर, मिनहाल, कायम हुसैन, मोहम्मद दिल्ली आदि ने की। संयोजक रजी हैदर जैदी रहे। इसरार जैदी, शबी हैदर,अरशद जैदी, कौसर, फूलमियां, नवेद, आजम, दानिश, हैदर, नुसरत, लडडन, मुन्ना, समर, फराज, मोइन, लारेब, हानी, शाहवेज, हाजी सरदार, हाजी रजी हैदर जैदी ने इमाम हुसैन की याद में मातमपुर्सी की।
उधर, शनिवार को नगर में निकाले जाने वाले मुख्य मातमी जुलूस को लेकर एसडीएम ने मार्ग का निरीक्षण कर विद्युत निगम और नगर पालिका अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।