संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। मुहर्रम की आठ तारीख को हजरत अब्बास की शहादत पर नगर में मातमी जुलूस निकाला गया। अलम व जुलजनाह बरामद हुआ। शिया सोगवारों ने जुलूस में मातमपुर्सी की।
ग्राम शेखपुरा इमाम बारगाह से मातमी जुलूस निकाला गया। इससे पूर्व मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना नजर मोहम्मद आबदी ने कहा कि मौला अली की तमन्ना और उम्मुल बनीन के लाल की शहादत पर उनका पुर्सा दिया जाता है। क्योंकि जवान जब अब्बास का अलम उठाते हैं, तो परचम उठाने वाले का चेहरा झुका नहीं होता, बल्कि बुलंदी की तरफ होता है। यह अली की निशानी है और फात्मा की वसीयत का नाम अब्बास है। इंसानियत हुसैनी है और आतंक यजीदियत है।
इसके बाद जुलूस प्रारंभ होकर रेलवे रोड, जानसठ तिराहा, बिद्दीबाड़ा, बालकराम, घंटाघर, बड़ा बाजार, सैनीनगर होते हुए इमाम बारगाह शेखपुरा पहुंच कर संपन्न हुआ। जुलूस में अंजुमन खुमैनी, अंजुमन फरोगे अजा महलका, अंजुमन सिराते मुस्तकीम के सोगवारों अब्बास जैदी, समद जैदी, जाकिर अब्बास, मोहम्मद असफी, अली इमाम, मीसम अब्बास, शारिब, रहबर अब्बास, फराज अली, शबी हैदर, हाजी रजी हैदर, शावेज, इसरार, अरशद, दानिश, मोइन, आदिल, अली आदि ने मातमपुर्सी की।