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Muzaffarnagar News: विधायक बोले, छोडि़ए नाम, अब कुछ करके दिखाएं काम

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- केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बयान पर विपक्ष का पलटवार
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- स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और विकास पर दिया जाना चाहिए ध्यान


अमर उजाला ब्यूरो

मुजफ्फरनगर। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के मुजफ्फरनगर जिले का नाम बदलने वाले बयान पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं व्यक्त कर रहे हैं। विपक्ष के विधायकों का कहना है कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा नेताओं को जिले के नाम याद आने लगे हैं। नाम की बात छोड़कर जिले के विकास और किसान, मजदूर की भलाई की बात की जानी चाहिए। गोवंशीय पशु किसानों के लिए मुसीबत खड़ी कर रहे हैं। वर्तमान में रसोई गैस, खाद, बीज और कीटनाशकों की महंगाई मुद्दा होना चाहिए। भाजपा नेताओं को आम आदमी की जरूरत के मुद्दों का समाधान निकालना चाहिए।


लोगों को नाम नहीं काम चाहिए : राजपाल
रालोद विधानमंडल दल के नेता राजपाल बालियान का कहना है कि आम आदमी को काम चाहिए, कोई नाम नहीं। चुनाव नजदीक आते ही जनता को बेवजह की बातों में उलझाकर भाजपा नेता गुमराह करते हैं।
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शिक्षा और स्वास्थ्य पर करें बात : मलिक

चरथावल से सपा विधायक पंकज मलिक का कहना है कि जिले के लोगों की चिकित्सा, शिक्षा और परिवहन पर बात की जानी चाहिए। जिले को विकास की जरूरत है। भाईचारा कायम रहना चाहिए।




युवाओं को चाहिए रोजगार : अनिल

पुरकाजी से रालोद विधायक अनिल कुमार का कहना है कि जिले के युवाओं को रोजगार की बात की जानी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान हो। सड़कों की बात की जानी चाहिए।



मुद्दों पर बात करेगी जनता : मदन भैया
खतौली के रालोद विधायक मदन भैया का कहना है कि भाईचारा खराब करने के लिए भाजपा नेता इस तरह के बयान देते हैं। मगर, आम आदमी अब समझ चुका है। जनता अब मुद्दों पर बात करेगी।



किसानों की उन्नति पर दें ध्यान : चंदन


मीरापुर से रालोद विधायक चंदन चौहान ने कहा कि किसानों की उन्नति पर ध्यान दिया जाना चाहिए। चीनी मिलों के दोहरीकरण की बात हवाई साबित हुई। सड़कों में अब भी गड्ढे हैं।
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हर दौर में बजा जिले का डंका
मुजफ्फरनगर जिले का हजारों साल का गौरवशाली इतिहास है। मुगल कमांडर सैय्यद मुजफ्फर खान के नाम पर नाम रखा गया था। यहां हड़प्पाकालीन सभ्यता के प्रमाण भी मिल चुके हैं। आजादी की लड़ाई और किसान आंदोलनों में सर्वसमाज ने एकजुटता की मिसाल पेश कर दुनिया को आइना दिखाया है।
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