संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिले में मध्याह्न भोजन योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। यहां करीब 25 हजार छात्र-छात्राएं योजना से वंचित हैं। जिन्हें पिछले आठ माह से मिड-डे मील का इंतजार है। अनुमति के फेर में यह योजना उलझकर रह गई है। अभी तक एनजीओ का चयन नहीं हुआ है।
बेसिक शिक्षा विभाग के 951 परिषदीय विद्यालयों के अलावा अन्य किसी भी विद्यालय में मिड-डे मील नहीं बन पा रहा है। इसकी वजह एनजीओ को अनुमति नहीं मिलना है। यही कारण है कि सीएम डैस बोर्ड पर भी जिले में मध्याह्न भोजन योजना की ई रैंक आई है। एक माह पहले ही 15 एनजीओ की साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी हुई थी, जिनमें से सात एनजीओ का गठन भी कर लिया गया था। प्रशासन से एनजीओ की अनुमति का इंतजार है।
एनजीओ को अनुमति मिलने का बाद सभी विद्यालयों में मिड डे मील शुरु कर दिया जाएगा। जिले में पिछले आठ माह से माध्यमिक के 75 अशासकीय इंटर कॉलेज, 17 राजकीय और 19 अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल में मिड-डे मील का वितरण नहीं हो रहा है। इन सभी 111 विद्यालयों में अध्ययनरत करीब 25 हजार छात्र-छात्राओं को मिड-डे मील भोजन का इंतजार है।
बीएसए शुभम शुक्ला ने कहा कि एनजीओ को गठन की सभी प्रक्रियाएं पूरी हो गई है। संभवतः एक सप्ताह के अंदर मिड-डे मील शुरु कर दिया जाएगा। स्कूल खुलने के बाद सभी विद्यालयों में मिड-डे मील के तहत भोजन वितरण की प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी।