मुजफ्फरनगर। आर्मी इंटेलीजेंस मेरठ व थाना सिविल लाइन पुलिस द्वारा अग्निवीर भर्ती में सेंधमारी की कोशिश करने वाला हाल ही में पकड़ा मेरठ निवासी महकार ने साथियों के साथ मिलकर बुलंदशहर में भी अपना जाल बिछाया हुआ था। महकार के मोबाइल फोन से यह राज उजागर हुआ हैं। उसके बुलंदशहर निवासी एक साथी को चार साथियों सहित गिरफ्तार कर जेल भेजा हैं।
जिले में अग्निवीर भर्ती रैली में सेंधमारी कर फर्जी कागजातों के आधार पर युवकों की भर्ती कराने की कोशिश के दो मामले पिछले दस दिन में सामने आ चुके हैं। आधा दर्जन आरोपियों को आर्मी इंटेलीजेंस की सूचना पर सिविल लाइन पुलिस ने गिरफ्तार कर उनसे फर्जी कागजात भी बरामद किए हैं। मुकदमे दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा गया है। पांच अक्तूबर की दोपहर नुमाइश कैंप के गेट के पास से कमल सिंह पुत्र बिशंबर दयाल निवासी गांव ढकरौली, थाना खानपुर जनपद बुलंदशहर व महकार सिंह पुत्र तुल्लाराम निवासी सी- 512 वेदव्यासपुरी, थाना टीपी नगर मेरठ को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस की मानें तो महकार ने 2019 में कमल को राहुल के नाम से भर्ती कराया था। लेकिन पुलिस सत्यापन में राज खुल गया था। इस बार फिर से कमल को करन के नाम से भर्ती कराने की कोशिश थी। करन के नाम का भर्ती सेंटर मुजफ्फरनगर एआरओ की मोहर लगा एक एडमिट कार्ड भी बरामद किया था। सिविल लाइन पुलिस ने महकार का मोबाइल भी कब्जे में लिया था। मोबाइल से एक और राज का खुलासा हुआ हैं। महकार के मोबाइल में दुर्गेश का नंबर मिला हैं। यह आरोपी चार अक्तूबर को बुलंदशहर जनपद के थाना जहांगीराबाद पुलिस ने चार साथियों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा हैं। उनसे कूट रचित दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने अपनी जांच कार्रवाई को आगे बढ़ाया हैं।