मुजफ्फरनगर। गोमतीनगर के धर्मांतरण मामले में दोषी करार दिया गया मौलाना मौलाना कलीम सिद्दीकी फुलत का रहने वाला है। मौलाना पर चरथावल के अमित प्रजापति का नाम बदलकर अब्दुल्ला रखने का आरोप भी लगा था। पीड़ित को चार लाख रुपये भी दिए थे, जिससे उसने प्लॉट खरीद लिया था।
मौलाना कलीम सिद्दीकी, उनका ड्राइवर सलीम दोषी पाए गए हैं। जबकि इदरीश ने कोर्ट से स्टे ले रखा है। एटीएस ने मेरठ से फुलत लौटते हुए सितंबर 2021 में आरोपियों को पकड़ा था। साल 2023 में मौलाना की जमानत हो गई थी। मंगलवार को सुनवाई के लिए आरोपी लखनऊ गए थे, जहां दोष सिद्ध होने पर हिरासत में ले लिए गए।
मुजफ्फरनगर। एटीएस की जांच में मौलाना के तार विदेशों से भी जुड़ हुए सामने आए थे। उमर गौतम फुलत के कलीम सिददीकी से पहले पकड़ा गया था है। दोनों से ही कलीम सिद्दीकी के लिंक मिले थे। एटीएस की पूछताछ में सामने आया कि मौलाना के बैंक खातों में विदेशों से करोड़ों रुपये की फंडिंग हुई है।