खतौली के गांव शेखपुरा में मातम करते शिया सोगवार।
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खतौली। शिया सोगवारों ने चेहल्लुम पर मातमी जुलूस निकाल कर करबला के 72 शहीदों को खिराजे अकीदत पेश की।
गांव शेखपुरा में वक्फ अलमदार हुसैन की ओर से मुतव्वली जावेद जैदी, अब्बास जैदी के नेतृत्व में मातमी जुलूस निकाला गया। इससे पूर्व मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना मोहम्मद हसनैन ने कहा कि इमाम हुसैन ने इंसानियत को बचाने के लिए करबला में अपने कुनबे के 72 लोगों के साथ कुर्बानी दी। यह कुर्बानी एक धर्म के लिए नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए थी। उनकी मोहब्बत किसी एक धर्म के लिए नहीं, सभी धर्म के लोगों के लिए थी। उन्होंने अपनी शहादत से पूर्व भारत आने की भी तमन्ना की थी। इसके बाद मातमी जुलूस निकाला गया, जो गांव के मुख्य मार्गों से होते हुए करबला पहुंचकर समाप्त हुआ। नोहा ख्वानी जावेद जैदी, रजी हैदर अली ने तथा मरसिया ख्वानी सुनील वर्मा जानसठ, गुलाम अब्बास कवाल, मीसम हैदर, शाहवेज ने की। जुलूस में अंजुमन जाफरिया गढ़ी मुझेड़ा तथा अंजुमन सादाते बहारा जानसठ के सोगवारों ने शिरकत की। अब्बास अली खां, दानिश अली, हिलाल मेहंदी, मौलाना मोहम्मद सादिक, मौलाना इरफान अली, मौलाना अजहर ने मातमपुर्सी की। इस दौरान शिया वक्फ बोर्ड की उपाध्यक्ष अफसा जैदी भी मौजूद रहीं।