- बाग बहार का ठेका नहीं छोड़े जाने से पालिका को पांच लाख रुपये के राजस्व की हानि
- चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप बोली, मामले की जांच कराई जाएगी
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। कंपनी बाग में आम और लीची का ठेका नहीं छोड़े जाने से पालिका को करीब पांच लाख के राजस्व की हानि हुई है। टेंडर प्रक्रिया में बोली नौ लाख तक पहुंच गई थी, लेकिन ठेका नहीं छोड़ा गया। पेड़ों से फल गायब हुए तो पालिकाकर्मियों ने कहा कि इस बार आम आए नहीं है और लीची को चमगादड़ चट कर गई है। चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी।
वर्ष 2021-22 में कंपनी बाग के बाग बहार का ठेका 4.18 लाख में छोड़ा गया था। इस बार मार्च में दो साल के लिए ठेका छोड़ने की तैयारी की गई तो 9.70 लाख रुपये की बोली लगी। मगर, पालिका अधिकारियों ने ठेका नहीं छोड़ा और टेंडर निरस्त हो गए। धीरे-धीरे तीन माह का समय बीता गया, लेकिन ठेका नहीं छोड़ा गया। पालिका ने 25 मई को बची फसल का मूल्यांकन कराया तो 1.13 लाख की फसल मौके पर मिली। देरी के कारण फसल घटनी लगे। बाद में पालिका ने प्रयास किए, लेकिन ठेकेदारों ने रुचि नहीं दिखाई। पिछले साल मार्च में मूल्यांकन कराने पर 4.66 लाख की फसल मिली ओर ठेका 4.18 लाख में छोड़ा गया था।
कंपनी बाग प्रभारी दुष्यंत कहते हैं कि लीची चमगादड़ खा गई और आम इस बार आए ही नहीं हैं। ईओ हेमराज का कहना है कि विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है, लीची और आम कहां गए, उससे ही पता लगेगा। ठेका अभी प्रक्रियाधीन है।
देरी से कराया गया सर्वे
जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि मई के अंत में तो कई फसल समाप्त हो जाती है। सर्वे का कोई औचित्य नहीं रहता। फिर भी हमने सर्वे किया तो मौके पर 1.13 लाख की फसल मिली। सर्वे मार्च में होता तो फसल चार-पांच लाख की होती।
कहां गए फल होगी जांच : स्वरूप
चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप का कहना है कि बाग बहार नहीं छोड़े जाने से लगभग चार-पांच लाख का नुकसान हुआ है। ईओ को जल्द ही टेंडर छोड़ने के आदेश दिए गए हैं। ठेका नहीं छोड़ने में जो लोग दोषी हैं, उन पर भी कार्रवाई होगी। फल कहां गए, इसकी जांच भी कराई जाएगी।
कंपनी बाग में यह फल
आम, लीची, अमरूद, आंवला, शहतूत और आंवला के पेड़ है।