- आत्मनिर्भर भारत योजना में घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने की योजना
- 37 प्रकार के उद्योगों पर 35 प्रतिशत छूट का ऋण दिया जा रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। आत्मनिर्भर भारत योजना में वोकल फार लोकल का डंका बजेगा। अब गुड़ बनाने वालों को भी दस लाख तक का अनुदान मिल सकेगा। घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण की योजना में 37 प्रकार के उद्योगों पर 35 प्रतिशत छूट का ऋण दिया जा रहा है। इन उद्योगों में गुड़ उत्पादन से लेकर बेकरी उद्योग, आटा चक्की, डेयरी, शहद उत्पादन तक को शामिल किया गया है।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना अब उन युवाओं का भविष्य भी संवारेगी, जो बेराजगार हैं और उनके पास रोजगार चलाने के लिए पैसा नहीं है। इस योजना में उद्योग लगाने के लिए आयु 18 से ऊपर और आठवीं पास होना जरूरी है। योजना में घरेलू उद्योगों वोकल फार लोकल को शामिल किया गया है। मुजफ्फरनगर जनपद में गुड़ बनाने वाले कोल्हू संचालकों को भी योजना में शामिल किया गया है। रोजगार के लिए उद्यमी को 35 प्रतिशत की छूट मिलेगी। यदि उद्यमी बैंक से दस लाख का ऋण लेता है तो उसे साढे़ तीन लाख की सब्सिडी मिलेगी। उसे बैंक को साढे़ छह लाख ही लौटाने होंगे। भारत सरकार ने इस योजना में छूट की अधिकतम सीमा दस लाख रखी है, यानी की उद्यमी लगभग 30 लाख तक का ऋण बैंक से ले सकता है।
ये उद्योग हैं शामिल
योजना में जो उद्योग शामिल किए गए हैं, उनमें मुख्य रूप से बेकरी उद्योग, पशु एवं मुर्गी चारा उद्योग, दाल मिल, राइस मिल, फ्लोर मिल, आयल मिल, डेयरी, हर्बल उत्पाद, मशरूम उद्योग, पोपकॉर्न, दलिया नूडल्स आदि, पापड़ नमकीन, सोयाबीन उत्पाद, गुड़, मसाला उद्योग, सब्जी उत्पाद, फल उत्पाद, केला उत्पाद, मधुमक्खी पालन, मेवा उद्योग, मिठाई उद्योग, आचार, मुरब्बा, सिरका, जूस उद्योग, टोमेटो सॉस, आरओ प्लांट, आईस फैक्टरी, बिस्कुट उद्योग आदि शामिल है।
ये दस्तावेज जरूरी
योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पास बुक, छह महीने का बैंक स्टेटमेंट आवश्यक है। लाभार्थी आठवीं पास और आयु 18 से अधिक होनी चाहिए।
पहले आओ, पहले पाओ
जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि योजना में फिलहाल 50 उद्यमियों को रोजगार का लक्ष्य मिला है। अधिक आवेदन आते है तो सरकार को भेज दिया जाएगा, उन्हें भी स्वीकृति मिल जाएगी। आठ आवेदकों को स्वीकृति दी जा चुकी है। इस योजना से घरेलू उद्योगों को बढावा मिलेगा। रोजगार बढ़ेंगे और बेरोजगारी दूर होगी।