मुजफ्फरनगर। एक मकान मालिक ने अपनी महिला किराएदार पर उनके हस्ताक्षर से फर्जीवाडे़ करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि किराएदार ने वर्ष 2020 में दूसरे नाम से खरीदे स्टांप पेपर पर फर्जीवाड़ा कर वर्ष 2015 में नोटरी का घोषणा पत्र बनवाया है। घोषणा पत्र पर 50 लाख का लेनदेन दिखाया गया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
दक्षिणी सिविल लाइन निवासी रामधन ने का आरोप है कि उनके मकान में योगेश पत्नी कविंद्र चार साल से किराएदार है। महिला योगेश व उनके बेटे अक्षित ने 50 रुपये के दो स्टांप पर उनके फर्जी हस्ताक्षर व फोटो के साथ एक फर्जी घोषणा पत्र वर्ष 2015 में बना लिया है। जिन अधिवक्ता द्वारा नोटरी करना दर्शाया है उनकी वर्ष 2018 में मौत हो चुकी है, जबकि दोनों स्टांप सितंबर 2020 में जारी किए गए हैं।
मुकदमा दर्ज कराने वाले रामधन ने स्टांप से संबंधित वरिष्ठ कोषाधिकारी की रिपोर्ट भी तहरीर के साथ लगाई है। कहा कि 50 लाख की रकम बिना रजिस्ट्री कराए किसी को भी देना संभव नहीं है। फर्जी घोषणा पत्र आरोपी पक्ष ने कोर्ट भी प्रयोग किया है। एसएसपी के आदेश पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी मां-बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।