- शरद पूर्णिमा की मध्य रात्रि को होने वाला चंद्र ग्रहण बहुत ही महत्वपूर्ण
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। शनिवार रात चंद्र ग्रहण होगा। सूतक लगते ही मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे। पंडित अरुण मिश्रा ने बताया कि शनिवार को शरद पूर्णिमा की मध्य रात्रि को होने वाला चंद्र ग्रहण बहुत ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि शरद पूर्णिमा को चंद्रमा अमृत की वर्षा करते हैं और जिसका लाभ पाने के लिए सब रात में खीर बना कर रखते हैं और सुबह प्रसाद के रूप में वितरण करते हैं। सब लोग अपने घर में सुख शांति की कामना करते हैं। यह ग्रहण मेष राशि और अश्विनी नक्षत्र के वक्त घटित हो रहा है। 28 अक्तूबर की रात 1:05 स्पर्श होगा। इस दौरान धार्मिक पुस्तक एवं भगवत चिंतन करना चाहिए। सूतक काल में अन्न ग्रहण करना निषेध है। जो अन्न ग्रहण करता है, भोजन करता है वह रोग को निमंत्रण देता है, इसलिए सावधानी बरतनी चाहिए। शाम को 4:00 बजे से पहले भोजन आदि ग्रहण कर लें।
चंद्रग्रहण के समय न करें खीर का सेवन : संजीव शंकर
महामृत्युंजय सेवा मिशन अध्यक्ष संजीव शंकर ने बताया कि आर्थिक संपदा के लिए शरद पूर्णिमा को रात जागरण का विधान शास्त्रों में बताया गया है। इसी कारण को-जागृति या कोजागरा की रात भी कही जाती है। चंद्र ग्रहण का सूतक 28 अक्तूबर शाम को चार बजकर पांच मिनट से प्रारंभ हो जाएगा, जबकि ग्रहण रात में 01:05 बजे से प्रारंभ होगा और मोक्ष रात 02.23 बजे होगा। चंद्रग्रहण क दौरान खीर का सेवन न करें।