मुजफ्फरनगर। शहर के कचरे और गौबर से बायोगैस बनाने के लिए दो प्लांट लगाए जाएंगे। शासन ने प्लांट लगाने की जिम्मेदारी गेल कंपनी को दी हे। जिला प्रशासन को दो कांप्रेस्ट बायोगैस प्लांट के लिए ढाई-ढाई एकड़ जमीन चिन्हित करने के लिए कहा गया है।
शहर में घरों से निकलने वाले कचरे और पशुओं के गोबर से अब रसोई गैस बनेगी। एक बायोगैस प्लांट ढाई एकड़ में लगाया जाएगा। गेल कंपनी के अधिकारी बायोगैस प्लांट को लेकर चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप, एडीएम प्रशासन और पालिका के नोडल अधिकारी नरेंद्र बहादुर से मिले। गेल के अधिकारियों ने बताया कि पालिका के कचरे का प्रयोग भी होगा और पालिका को इससे आय भी होगी।
ईओ हेमराज ने बताया कि शासन से आए पत्र के बाद जिला प्रशासन को जमीन के लिए लिखा गया है। दोनो बायोगैस प्लांट के लिए पांच एकड़ जमीन की आवश्यकता है। जमीन मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया चालू होगी। नगर पालिका को लाभ होगा।
पुरकाजी में जमीन की तलाश
एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि गेल के अधिकारी उनसे मिले थे। पांच एकड़ जमीन चाहिए। पुरकाजी क्षेत्र में जमीन की व्यवस्था कराई जा रही है। शहर के लिए यह योजना महत्वपूर्ण हो सकती है।