ग्रामीण अंचल में चिकित्सा सुविधा को लेकर लापरवाह बने चिकित्सक
ग्राम प्रधान सुषमा सैनी ने सीएमओ को लिखा पत्र, समाधान की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। रोहाना खुर्द गांव में खोला गया हेल्थ वेलनेस सेंटर शोपीस बन गया है। सात माह में इस सेंटर का ताला तक नहीं खुला है। सरकार इस जगह का लगातार किराया दे रही है, लेकिन आम जनता को कोई लाभ नहीं मिला है। प्रभारी चिकित्सक भी अधिकांश समय नदारद रहती है।
रोहाना खुर्द में आम जनता को स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए विभाग ने 15 जुलाई 2022 को स्वास्थ्य उप केंद्र शुरू किया है। तीन हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से यहां एक बिल्डिंग किराए पर ली गई। हेल्थ वेलनेस सेंटर के नाम से बनाए गए इस स्वास्थ्य उपकेंद्र पर बेड, कुर्सी, टेबिल आदि सामान की व्यवस्था की गई। शुभारंभ के साथ ही 15 जुलाई 2022 को स्वास्थ्य प्रभारी के रूप में डॉ नीतू को तैनात किया गया।
सीएमओ ने आदेश जारी किया कि वह सप्ताह में चार दिन उपकेंद्र रोहाना खुर्द और दो दिन उप केंद्र बहेड़ी में बैठेगी। आश्चर्य की बात यह है कि सात माह में आज तक इस हेल्थ वेलनेस सेंटर का ताला तक नहीं खुला है। प्रभारी दो-चार बार आई तो कुछ देर बाहर ही बैठकर चली गई। सरकार का उद्देश्य यह था कि इस गांव के मरीजों का गांव में ही उपचार किया जाए। मगर, यह उद्देश्य सफल नहीं हो पा रहा है।
ग्राम प्रधान सुषमा सैनी ने सीएमओ डॉ महावीर सिंह फौजदार को लिखे पत्र में बताया कि चिकित्सक सात माह में सात दिन भी यहां नहीं आई। हेल्थ वेलनेस सेंटर का आज तक ताला नहीं खुला है।
यह मामला गंभीर है। इस मामले की जांच कराएंगे। - डॉ महावीर सिंह फौजदार, सीएमओ