- किसान मजदूर पंचायत में भाकियू अध्यक्ष ने बिना नाम लिए साधे निशाने
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि कुछ लोग जिले के ठेकेदार बन गए हैं। बिना किसी का नाम लिए कहा कि कान खोलकर सुण लो, अपने पैरों से चल लो, उड़ो मत...2024 भी है। किसानों के सम्मान के साथ खिलवाड़ किया गया तो इनकी पिंडी पीट दी जाएगी।
राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान पर आयोजित किसान मजदूर महापंचायत में भाकियू अध्यक्ष ने कहा कि किसान समस्याओं से जूझ रहे हैं। ट्यूबवेलों पर बिजली मीटर, आवारा पशु, पुराने ट्रैक्टरों का मुद्दा है। गन्ने की पर्चियों पर भाव नहीं, बल्कि तीन जीरों लिखे गए हैं। इस सरकार में किसानों का सम्मान नहीं है। बातचीत होती है, लेकिन सम्मान नहीं है। वर्तमान में देश का किसान बर्बादी की कगार पर है। किसान बारूद के ढेर पर बैठे हुए हैं। किसानों से आह्वान किया कि अनुशासन से संगठन चलाते रहें। संगठन को टूटने मत दो, जो होगा सबके साथ होगा।
गुस्साए तो यह भी कह गए टिकैत
भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने भाषण शुरू किया तो किसान मुद्दों पर वे गुस्से में दिखे। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन अगर नाश की चाहता है तो वह नाश के लिए भी तैयार हैं।
पीएम का भाषण सुनकर दिया था वोट
भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरठ आए थे। उन्होंने गन्ने का भाव 450 रुपये प्रति क्विंटल देने का वायदा किया था, जिसके भरोसे उन्होंने और किसानों ने वोट दी। मगर, किसानों को गन्ने का भाव नहीं मिला।
85 करोड़ मुफ्त राशन खा रहे हैं तो देश खुशहाल कैसे : युद्धवीर सिंह
मुजफ्फरनगर। भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह ने कहा कि सरकार के एजेंडे में किसान नहीं है। बजट में किसान की आय पर कोई चर्चा नहीं हुई। अगर देश की 85 करोड़ आबादी को सरकार मुफ्त राशन दे रही है तो यह कैसी खुशहाली है। सरकार ने छह साल पहले किसान की आय दोगनी करने की बात कही थी, लेकिन आय घट गई है। अब सरकार 2047 तक देश को विश्व गुरु बनाने की बात कर लोगों को बहकाने का काम कर रही है। सरकारी संपत्ति बेची जा रही है, सरकार खेती पर निवेश कम कर रही है। किसानों को एमएसपी नहीं , बल्कि कर्जा देने की बात कर रही है। खेती के लोन अडानी के माध्यम से दिए जाएंगे, जमीन कुर्क करने की तैयारी है।
किसान ताकत को एकजुट होना पड़ेगा : बाजवा
मुजफ्फरनगर। संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि किसान ताकत को अब एकजुट होना पड़ेगा। किसानों के मुद्दों पर बार-बार सरकार मुकर रही है। संघर्ष बड़ा है, इस लड़ाई को जारी रखने के लिए एकजुटता ही सबसे बड़ा हथियार है।
किसानों के इम्तिहान की घड़ी : श्याम सिंह
मुजफ्फरनगर। गठवाला खाप के बहावड़ी थांबेदार श्याम सिंह मलिक ने कहा कि वर्तमान दौर किसानों के इम्तिहान का है। निराश्रित पशु फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। बिजली मीटर जबरदस्ती लगाए जा रहे हैं। किसानों पर सरकार ज्यादती कर रही है। सरकार का रवैया किसानों को लेकर ठीक नहीं है।