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मुजफ्फरनगर: महिला की हत्या में दो सगे भाइयों को उम्र कैद

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-21 साल पहले झिंझाना क्षेत्र में हुई थी वारदात, दोषियों पर जुर्माना भी लगाया
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अमर उजाला ब्यूरो

मुजफ्फरनगर। अदालत ने करीब 21 साल पहले शामली जिले के झिंझाना में हुई महिला की सनसनीखेज हत्या के मामले में दोषी दो सगे भाइयों को उम्रकैद और 30-30 हजार रुपये के अर्थ दंड की सजा सुनाई है। सत्र परीक्षण के दौरान दोषियों के आरोपी पिता और एक भाई की मृत्यु हो गई थी। विशेष अपर सत्र न्यायालय कोर्ट नंबर-एक (पॉक्सो एक्ट ) के पीठासीन अधिकारी रितिश सचदेवा ने मामले में फैसला सुनाया।

सहायक शासकीय अधिवक्ता कुलदीप पुंडीर ने बताया कि शामली जनपद के झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव खोड़समा में वर्ष 2002 में 11/12 जून की रात्रि करीब दो बजे रंजिशन चाकू और तलवार से गोदकर महिला ब्रिहमी की बेरहमी से हत्या कर दी थी। मृतका के पुत्र (वादी) ईश्वर सिंह ने गांव के खोड़समा निवासी बिशन एवं उसके तीन बेटों रामशरण, ओमपाल और सोमपाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि वादी ने घटना से करीब चार साल पहले अपनी जमीन को जरनैल सिंह को बेच दी थी। लेकिन अभियुक्तों ने वादी के नाना रामजी लाल के नाम फर्जी वसीयत कराकर वादी के साथ मुकदमेबाजी कर रखी थी। आरोपी बिशन महिला का बयान अपने पक्ष में कराना चाहता था। इसी रंजिश में साजिशन घंटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने मामले में विवेचना के बाद चारों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। अदालत में मुकदमे की कार्रवाई के दौरान आरोपी बिशन और उसके एक बेटे रामशरण की मृत्यु हो गई थी। अभियोजन पक्ष ने परीक्षण के दौरान आठ गवाहों को अदालत में परीक्षित कराया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की तर्कों को सुनने के बाद ओमपाल और सोमपाल को दोषी करार देकर सजा मुकर्रर कर दी।
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किन धाराओं में हुई कितनी सजा

विशेष अपर सत्र न्यायाधीश ने दोनों हत्यारे भाइयों को आईपीसी की धारा 302 आजीवन कारावास और 30-30 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 452 में पांच साल का कठोर कारावास एवं सात-सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। अदालत ने अर्थदंड भुगतान नहीं करने की दशा में आठ महीने अतिरिक्त कारावास भुगतान के आदेश पारित किए है। सभी सजा साथ-साथ चलेंगी।
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