- वहलना गांव की मार्केट के ध्वस्तीकरण के मामले में लगाई गई थी तहसील की रिपोर्ट
- मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण को भेजी रिपोर्ट के हस्ताक्षर जांच में असली निकले
- एक्सपर्ट की जांच में तहसील और एमडीए की मिलीभगत का खेल उजागर
रणवीर सैनी
मुजफ्फरनगर। मेरठ रोड पर वहलना गांव की मार्केट के ध्वस्तीकरण को लेकर लगाई गई तहसील की रिपोर्ट में तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल के हस्ताक्षर असली निकले है। इन तीनों ने फर्जी हस्ताक्षर किए जाने का प्रार्थना पत्र डीएम को दिया था। एक्सपर्ट की जांच में हुए खुलासे के बाद एमडीए और तहसील की मिली भगत का खेल भी सामने आ गया है।
मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के इंजीनियरों और तहसील कर्मियों की मिलीभगत से फर्जी एनओसी का बड़ा खेल उजागर हुआ है। एमडीए से नक्शा पास कराने के लिए तहसील की एनओसी लगती है। आठ अक्तूबर 2021 को तहसील से वहलना की एक मार्केट को लेकर एक अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी हुआ। वहलना के दिलावर ने कमिश्नर के यहां शिकायत की कि एनओसी देने वाले लेखपाल, कानूनगो इस क्षेत्र के नहीं है।
शिकायत की जांच हुई तो अनापत्ति प्रमाणपत्र पर रिपोर्ट लगाने वाले शहर लेखपाल संजीव शर्मा, कानूनगो रामनारायण और तत्कालीन इंचार्ज तहसीलदार इंद्रदेव शर्मा ने एसडीएम को लिखित में दिया कि उन लोगों के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने एनओसी जारी नहीं की।
मार्केट का नक्शा पास कराने वाले पक्ष ने डीएम के यहां प्रार्थना पत्र देकर कहा कि हस्ताक्षरों की जांच कराई जाए। हस्ताक्षर इन तीनों के ही है। डीएम के आदेश पर एसडीएम परमानंद झा ने एक्सपर्ट हस्तलेख एवं अंगुल चिह्न विशेषज्ञ संजीव मलिक से हस्ताक्षरों की जांच कराई। 18 पृष्ठों की रिपोर्ट में विशेषज्ञ ने बताया कि तीनों हस्ताक्षर असली है। तीनों के हस्ताक्षर कराकर उनसे मिलान कराया गया। विशेषज्ञ की रिपोर्ट ने तहसील और एमडीए के खेल को उजागर कर दिया है। एसडीएम ने कार्रवाई के लिए रिपोर्ट एमडीए सचिव को भेज दी है।
हमने एमडीए को भेज दी रिपोर्ट
एसडीएम सदर परमानंद झा ने बताया कि वहलना मार्केट प्रकरण में लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार के हस्ताक्षर जांच में असली पाए गए हैं। कार्रवाई के लिए एमडीए सचिव को लिखा गया है। इसके साथ ही तहसीलदार सदर पर कार्रवाई के लिए भी लिखा गया है। एमडीए सचिव आदित्य प्रजापति का कहना है कि एसडीएम सदर की रिपोर्ट मिल गई है।
तहसील में नहीं कोई रिकार्ड
तहसील से जो भी एनओसी जारी होती है, उसका रिकार्ड होता है, लेकिन एमडीए को जारी होने वाली एनओसी का यहां कोई रिकार्ड नहीं है। वहलना का जो खेल खुला है, इसका रिकार्ड भी तहसील में नहीं है।