मोरना। गीतकार दुष्यंत कुमार की स्मृति में क्षेत्र के करहेड़ा गांव में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवियों, गीतकारों एवं शायरों ने रचनाएं पढ़ी। एटा से आए बलराम सरस की रचना, आदम दरिंदा हो गया है आज के परिवेश में, लंकेश जिंदा हो गया है आज के परिवेश में को सराहा गया।
रविवार को पंडित सुरेश शर्मा के घेर में कार्यक्रम हुआ। कवि पंकज शर्मा की रचना रण है ये हर हाल ही में जितना होगा तुझे, होना ही था तुझसे तेरा युद्ध अबकी बार है...। को लोगों ने दाद दी। रुड़की से आए कवि विनीत भारद्वाज ने ऐरे गैरे मानक ही हम गढ़ पाए आज, तप में तपे हुए से तेज नहीं पाए हम सुनाई। भोकरहेडी से आए कवि रामकुमार रागी की रचना, देश को फिर से संवारा जाएगा, इस धरा पर तन भी वारा जाएगा को भी सराहा गया। एटा मैनपुरी से पधारे कवि विनोद राजयोगी, अमित शुक्ला बरेली, प्रीति बौछार, चैतन्य चेतन ने अपनी-अपनी रचनाएं सुनाई। इस मौके पर ब्रह्मपाल मुखिया, जोनी राठी, विनीत राठी, संजीव राठी अंकुश शर्मा शुलभ शर्मा प्रमोद शर्मा बिट्टू शर्मा उपस्थित रहे। कवि सम्मेलन में रामकुमार शर्मा व पंकज शर्मा ने मुख्य भूमिका निभाई।