फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Muzaffarnagar News: अपडेट मुरादाबाद के लिए .. बहन की शादी के लिए गिरवी रखनी पड़ी जमीन

विज्ञापन
विज्ञापन
- पिता ने हादसे वाले दिन ही विकेश और उसके भाई को दी थी सूचना
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
जानसठ (मुजफ्फरनगर)। तालड़ा मोड पर दो मंजिल दुकानों के लिंटर के मलबे में दबने से घायल हुए मजदूर विकेश के भाई विक्की ने बताया कि हम दोनों भाई जानसठ में लिंटर उठाने की मजदूरी करने आए थे। हम दोनों भाइयों की शादी हो चुकी है। परिवार आर्थिक तंगी में है। एक छोटी बहन है, जिसकी शादी करने की जिम्मेदारी दोनों भाइयों के कंधों पर है।
शादी में पैसों की कमी होने की वजह से पिता ने हादसे वाले दिन ही साहूकार के यहां दो बीघा अपनी खेती की जमीन को दो लाख रुपये में गिरवी रख दी थी। अगले माह बहन की शादी तय हो गई थी। हादसे वाले दिन ही पिता कृपाल ने फोन करके भूमि गिरवी रखने की जानकारी दी थी। पिता का फोन सुनने के बाद दो घंटे बाद ही लिंटर गिरने का हादसा हो गया था।
विज्ञापन

जिला रामपुर के गांव सराय माजरा निवासी विक्की ने बताया कि मैं बड़े भाई विकेश के साथ लिंटर उठाने की मजदूरी करने जानसठ आया था। रविवार की शाम को लिंटर गिरने के दौरान वह बच गया था, जबकि उसका भाई विकेश मलबे में दब गया था। रविवार की रात्रि में एनडीआरएफ टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सोमवार की सुबह चार बजे घायल अवस्था में विकेश को बाहर निकाल लिया था। विकेश का मेरठ अस्पताल में उपचार चल रहा है।


भाई विकेश को दिया खून

विक्की ने बताया कि हादसे में उसके हाथ में चोट लगी थी। वह फिलहाल मेरठ अस्पताल में ही अपने बड़े भाई विकेश के साथ है। परिवार से कुछ लोग अस्पताल में हालचाल पूछने भी आए। उसने बताया कि भाई की हालत ठीक नहीं है। डॉक्टरों ने मंगलवार को खून देने के लिए कहा तो उसने ही अपना खून दिया है। इसके बावजूद उसकी हालत ठीक नहीं है। वह बोल भी नहीं रहा है।
विज्ञापन


ब्याज पर रुपये लेकर कराना पड़ रहा इलाज
जिला रामपुर के थाना बिलारी क्षेत्र के गांव रेवाड़ी निवासी संजीव पुत्र राम अवतार ने बताया कि अपने बड़े भाई डब्लू उर्फ बबलू के साथ गांव से जानसठ में लिंटर उठाने की मजदूरी करने आया था। हादसे में बड़ा भाई गंभीर घायल हो गया था। मुजफ्फरनगर अस्पताल में ठीक तरह से उपचार नहीं हो सका। इसलिए गांव में साहूकार से कर्ज पर रुपये मंगवाए। इसके बाद सोमवार को 12 हजार रुपये में प्राइवेट एंबुलेंस करके भाई डब्लू को मुरादाबाद के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। मंगलवार को अस्पताल में पैर और हाथ की हड्डी टूटने पर ऑपरेशन किया गया है। साहूकार से जो रुपये ब्याज पर लिए थे। ऑपरेशन में खर्च हो गए। संजय ने बताया कि पिता के नाम पांच बीघा खेती की भूमि है। परिवार की आर्थिक तंगी की वजह से वह पिता ने साहूकार के यहां गिरवी रख दी थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें