- नई मंडी के मनकामनेश्वर मंदिर में भागवत कथा का शुभारंभ
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम शुकतीर्थ के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद ने कहा कि भागवत विद्या का ज्ञान ही सर्वोत्तम ज्ञान है। ज्ञान यज्ञ ही संसार का सबसे बड़ा परमार्थ है।
नई मंडी स्थित मनकामनेश्वर मंदिर में कथा व्यास अरुण मिश्रा की भागवत कथा का शुभारंभ पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि आत्मकल्याण के लिए भागवत कथा सत्संग सर्वोत्तम, सरल, सुलभ तथा सबसे ज्यादा फलदायी है। मानवमात्र को भागवत का ज्ञान देकर सत्य का बोध करा देना एक ज्ञान यज्ञ है। भागवत श्रवण करने से अन्तःकरण पवित्र और मन निर्मल हो जाता है। निर्मल मन से चिंतन शुद्ध, सात्विक और संतुलित हो जाता है। जिससे व्यक्ति का प्रत्येक कर्म, आचरण और व्यवहार शुद्ध और स्वस्थ हो जाता है।
भागवत मन को भक्ति की तरफ ले जाती है और भक्ति से मोक्ष की प्राप्ति होती है। भागवत भगवान श्री कृष्ण की भक्ति का सर्वोत्तम ग्रंथ है। प्रभु भक्ति और परमार्थ करना ही जीवन है। विधि-विधान से पूजन के उपरांत कथा व्यास अरुण मिश्रा ने श्रद्धालुओं को कथा सुनाई। पूर्व विधायक सोमांश प्रकाश, आचार्य सुमन कृष्ण, दीपक शर्मा, यज्ञमान अनिल गोपाल गर्ग, रेखा गर्ग, धनप्रकाश गर्ग उपस्थित रहे।