खुब्बापुर प्रकरण
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। खुब्बापुर गांव के पीड़ित छात्र की काउंसिलिंग के लिए पहुंची टीआईएसएस की टीम ने तीसरे दिन नेहा पब्लिक और शारदेन स्कूल पहुंचकर शिक्षकों से जानकारी जुटाई। टीआईएसएस की चेयरपर्सन और विशेषज्ञों ने दोनों स्कूलों में अध्यापिकाओं से बातचीत कर छात्र के मनोवैज्ञानिक स्तर और प्रकरण की जानकारी ली।
खुब्बापुर थप्पड़ प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस की चेयरपर्सन सोमवार को मुजफ्फरनगर पहुंची थी। उन्होंने डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी और बाल कल्याण समिति से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। अब तक की कार्रवाई के विषय में भी जाना। मंगलवार को टीआईएसएस की चेयरपर्सन पदमा सारंगपाणी, विशेषज्ञ रथिस ऐश्वर्या और अर्पिता ने मेरठ रोड स्थित शारदेन स्कूल में पहुंचकर जांच की। इस दौरान उनके साथ बेसिक शिक्षा विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर राजेंद्र सिंह, परियोजना विशेषज्ञ गुरविंदर सिंह और बीएसए शुभम शुक्ला मौजूद रहे।
यहां उन्होंने शारदेन स्कूल की प्रधानाचार्या धारा रतन से बातचीत कर प्रवेश और छात्र के पहले और अब की मनोवैज्ञानिक स्तर की जानकारी ली। टीम ने शारदेन स्कूल से प्रवेश प्रक्रिया के बारे में पूछा। इसके बाद टीम खुब्बापुर के नेहा पब्लिक स्कूल पहुंची। स्कूल में तैनात अध्यापिका आंचल, डोली और रीतू से जानकारी जुटाई। इसके बाद टीम वापस लौट गई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला ने बताया कि मंगलवार को टीम स्कूलों में पहुंची थी। यहां अध्यापिकाओं से बातचीत कर प्रकरण की जानकारी ली है। अब टीम लौट गई है।
यह था पूरा मामला
खुब्बापुर गांव के स्कूल में शिक्षिका तृप्ता त्यागी ने पांच का पहाड़ा नहीं सुनाने पर अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र की सहपाठियों से पिटाई करा दी थी। इसी दौरान जातीय टिप्पणी का भी आरोप है। प्रकरण के दौरान पीड़ित छात्र के चचेरे भाई ने वीडियो बना लिया। वीडियो के वायरल होते ही प्रतिक्रियाएं आने लगीं और शिक्षिका की गिरफ्तार करने की मांग उठने लगी। आरोपी शिक्षिका पर अब एफआईआर दर्ज हो गई है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पोते तुषार गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसकी अगली सुनवाई 11 दिसंबर को होगी। उधर, पीड़ित छात्र का प्रवेश भी हो गया था और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर छात्र की काउंसिलिंग के लिए मुंबई से पहुंची टीआईएसएस की टीम मंगलवार को लौट गई है।