अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर क्षेत्र के खुब्बापुर गांव निवासी छात्र के पिता इरशाद ने कहा कि सांप्रदायिक सौहार्द के लिए फैसला किया है। मगर, वह कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे। गणमान्य लोगों ने भी उनसे वायदा किया है कि कानूनी लड़ाई में मेरे साथ रहेंगे। हमने जो रिपोर्ट दर्ज कराई है, उस पर पुलिस-प्रशासन अपना काम करें। उधर, वीडियो बनाने वाले पीड़ित के चचेरे भाई नदीम का कहना है कि हम तहरीर दे चुके हैं, पुलिस-प्रशासन कानून के हिसाब से अपना काम करें।
बयान के बाद फैसले की स्वीकार्यता पर सवाल
शनिवार को गांव में भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत, पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, त्यागी भूमिहार समाज के अध्यक्ष मांगेराम त्यागी समेत अन्य लोगों की मौजूदगी में बच्चों को गले मिलवाकर सुलह कराई गई थी। दोनों पक्षों ने कहा था कि पंचायत का फैसला मान्य है। अब पीड़ित के पिता के बयान के बाद इस फैसले की स्वीकार्यता पर सवाल उठ रहे हैं।
इस तरह आ रहे इरशाद के बयान
बृहस्पतिवार को स्कूल में थप्पड़ प्रकरण हुआ। शुक्रवार को वीडियो वायरल होने के बाद इरशाद का बयान आया कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते। स्कूल ने उसकी फीस लौटा दी है। शनिवार सुबह तहरीर देकर केस दर्ज कराया और दोपहर में फैसला हुआ। रविवार को फिर बयान आया कि कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।