मंसूरपुर के गांव खुब्बापुर में नेहा पब्लिक स्कूल में शिक्षा ग्रहण करते बच्चे
- खुब्बापुर प्रकरण : नए भवन में शुरू किया गया स्कूल, अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चे भी पहुंचे
फोटो समेत
संवाद न्यूज एजेंसी
मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। छात्र की पिटाई के मामले में बंद चला आ रहा खुब्बापुर गांव का स्कूल मंगलवार को नए भवन में शुरू हो गया है। अल्पसंख्यक समुदाय समेत अन्य ग्रामीणों ने अपने बच्चे भी पढ़ने के लिए भेजे। गण्यमान्य लोगों ने स्कूल पहुंचकर शिक्षण व्यवस्था भी देखी। बुधवार को बीएसए शुभम शुक्ला लखनऊ पहुंचकर अल्पसंख्यक आयोग के समक्ष पेश होंगे। शिक्षिका लखनऊ नहीं जाएगी।
पिछले महीने 24 अगस्त को अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र की पिटाई के बाद वीडियो वायरल हो गया था। तब से गांव का स्कूल बंद चला आ रहा था। आरोपी शिक्षिका तृप्ता त्यागी के खिलाफ एनसीआर दर्ज हुई थी, जिसकी जांच चल रही है। मंगलवार को आरोपी शिक्षिका को संस्थान से दूर रखा गया और स्कूल का संचालन शुरू कर दिया गया है। क्षेत्रीय त्यागी समाज के अध्यक्ष संजीव त्यागी, पूर्व प्रधान दुष्यंत त्यागी, हरिओम त्यागी, मारूफ और साबिर ने नए भवन में संचालित स्कूल की व्यवस्था देखी।
विद्यालय के प्रबंधक रविंद्र कुमार ने बताया कि निर्माणाधीन भवन के चलते कुछ दिन के लिए स्कूल स्थानांतरित किया गया था। पुराने स्थान पर बनाए गए नए भवन में स्कूल संचालित किया गया है। अधिकतर बच्चे स्कूल पहुंचे हैं। गांव की अन्य दोनों शिक्षिकाएं स्कूल का संचालन कर रही हैं। बीएसए ने बताया कि वह लखनऊ में अल्पसंख्यक आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे। उधर, शिक्षिका की तबीयत खराब होने के चलते वह लखनऊ नहीं जा रही हैं।
ये था पूरा मामला
खुब्बापुर गांव के स्कूल में शिक्षिका तृप्ता त्यागी ने पांच का पहाड़ा नहीं सुनाने पर 24 अगस्त को अल्पसंख्यक समुदाय के यूकेजी के छात्र की सहपाठियों से पिटाई करा दी थी। इसी दौरान जातीय टिप्पणी का भी आरोप है। प्रकरण के दौरान पीड़ित छात्र के चचेरे भाई ने वीडियो बना लिया था। वीडियो के वायरल होते ही देशभर से प्रतिक्रियाएं आने लगीं और शिक्षिका की गिरफ्तार की मांग उठने लगी। आरोपी शिक्षिका पर केस दर्ज हो चुका है।