- बुजुर्ग रामफल परिवार के 45 सदस्यों के साथ गया था होशियारपुर
- हादसे में पांच सदस्यों की मौत, आठ से अधिक हो गए घायल
- शुक्रवार को गमगीन माहौल में किया गया मृतकों का अंतिम संस्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। पंजाब के होशियारपुर में हुए सड़क हादसे के बाद खेड़ा मस्तान गांव में सन्नाटा पसरा है। शुक्रवार की सुबह पीडि़त परिवार मृतकों के शव लेकर पहुंचे तो शोक की लहर दौड़ गई। आसपास के गांव के लोग भी पहुंचे। बुजुर्ग रामफल के घर से एक साथ पांच मृतकों की अंतिम यात्रा शुरू हुई तो गांव गम में डूब गया। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान और पूर्व विधायक उमेश मलिक ने पीडि़त परिवार को सांत्वना दी। गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
पंजाब के होशियारपुर के बीत क्षेत्र के गांव बस्सी मेंं बुधवार की रात करीब एक बजे कैंटर ने पैदल जा रहे श्रद्धालुओं को कुचल दिया था। श्रद्धालु श्री गुरु रविदास के धार्मिक स्थल चरण छोह गंगा के लिए पैदल जा रहे थे। हादसे में खेड़ा मस्तान गांव के चार और काकड़ा गांव की एक किशोरी की मौत हुई है।
शुक्रवार सुबह करीब सात बजे मृतकों के शव खेड़ा मस्तान गांव लाए गए। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान, पूर्व विधायक उमेश मलिक समेत अन्य लोग खेड़ा मस्तान पहुंच गए और पीडि़त परिवार को ढांढस बंधाया। पीडि़त परिवार के बुजुर्ग रामफल से हादसे की जानकारी ली। गांव के श्मशान घाट पर एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीण सोमपाल मलिक, देवेंद्र मलिक, शिव कुमार सहित अन्य लोगों ने भी पहुंचकर दुख जताया।
नाना के गांव में चिरनिंद्रा में लीन हुई रामो
मृतकों में चार खेड़ा मस्तान गांव के थे, जबकि उन्नति उर्फ रामो (14) मूल रूप से काकड़ा गांव की रहने वाली थी। बुजुर्ग रामफल की धेवती रामो भी परिवार के साथ पंजाब गई थी। हादसे के बाद परिवार ने तय किया कि उसका अंतिम संस्कार भी नाना के गांव में ही किया जाएगा।
मृतकों को मिलेगी दो-दो लाख की मदद : बालियान
केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने बताया कि पीडि़त परिवारों की हर संभव मदद की जाएगी। श्रम विभाग की ओर से दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। पीजीआई चंडीगढ़ में मुफ्त इलाज की व्यवस्था की गई है। स्थानीय स्तर पर जो भी मदद होगी, वह करेंगे।
हमने मौत को झपट्टा मारते हुए देखा : रवि
हादसे के प्रत्यक्षदर्शी खेड़ा मस्तान गांव के रवि का कहना है कि बुधवार की रात के करीब एक बजे हमारे जत्थे के 45 लोग यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान हमारी नजर सामने से अनियंत्रित कैंटर पर पड़ी। कैंटर इतनी तेजी से आया कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। एक तरफ खाई थी, जिसकी किस्मत थी, वह बच गया।
जिंदगी भर का मिल गया गम : रामफल
बुजुर्ग रामफल कहते हैं कि परिवार रोजी रोटी के लिए पंजाब जाता रहा है। जिंदगी भर का गम मिल गया। परिवार के पांच सदस्य चले गए, कई गंभीर घायल है। हादसे के बाद से उनका परिवार बेहद व्यथित है। पिछले साल 22 अक्तूबर को सभी लोग खुशी-खुशी मजदूरी के लिए गए थे।
होशियारपुर के हादसे में इन लोगों की हुई मौत
- सुदेश (45), खेड़ा मस्तान, थाना फुगाना
- गीता (35), खेड़ा मस्तान, थाना फुगाना
- राहुल (18), खेड़ा मस्तान, थाना फुगाना
- खूशबू (14), खेड़ा मस्तान, थाना फुगाना
- उन्नति उर्फ रामो (14), काकड़ा, थाना शाहपुर
होशियारपुर के हादसे में ये हुए घायल
खेड़ा मस्तान गांव निवासी पुष्पेंद्र, टीना, प्रियांशु, सुशील, रश्मि, अनुष्का, कुसुम, सुनैना, डिंपल, शोकेंद्र, कार्तिक घायल हैं।