- लखनऊ में बैठक के बाद विभाग ने जारी किया गन्ना सुरक्षण आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। नए पेराई सत्र के लिए चीनी मिलों को गन्ना आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। जिले की खतौली चीनी मिल को सबसे अधिक और रोहाना कलां मिल को सबसे कम गन्ना आवंटित किया गया है। मिलों ने इंडेंट में बढ़ोत्तरी शुरू करा दी है।
लखनऊ में प्रदेश की चीनी मिलों को गन्ना आवंटन के लिए मंथन चल रहा था। सोमवार को सुरक्षण आदेश जारी कर दिए गए। चीनी मिलों का पिछले पेराई सत्र का रिकॉर्ड, पेराई के दिनों की संख्या और मिल क्षेत्र में पैदावार के आंकड़ों के हिसाब से गन्ना आवंटन किया गया है। गन्ना आयुक्त प्रभ एन सिंह ने आवंटन के आदेश जारी कर दिए हैं।
चीनी मिलों को इस तरह किया गन्ना आवंटन
मिल
आवंटित गन्ना
क्षेत्रफल
खतौली
425.84
44995
तितावी
311.01
31961
टिकौला 360.95
38429
भैसाना
228.82
24355
खाईखेड़ी 198.56
20946
मंसूरपुर
265.85
28058
मोरना
125.25
13198
रोहाना कलां
80.19
8451
नोट : गन्ना लाख क्विंटल और क्षेत्रफल हेक्टेयर में।
इनसेट
किसानों की सुविधा का रखा जाए ध्यान
गन्ना आयुक्त ने निर्देश जारी किए कि क्रय केंद्रों के संचालन में किसानों की सुविधा का ध्यान रखा जाए। जिन नए केंद्रों की स्थापना के आदेश दिए गए हैं, उन क्रय केंद्रों के स्थान का चयन उसी राजस्व गां से संबेंधित डीसीओ के माध्यम से गन्ना किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया जाए।
इनसेट
भैसाना मिल की पिछले साल की स्थिति
भुगतान में सबसे देरी करने वाली बुढ़ाना की भैसाना चीनी मिल ने पिछला पेराई सत्र एक नवंबर 2022 से 10 अप्रैल 2023 तक संचालित किया। मिल ने 161 दिन में आवंटित 216.88 लाख क्विंटल गन्ने में से सिर्फ 126.45 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। इस बार भैसाना को 2298.82 लाख क्विंटल गन्ने का आवंटन किया गया है।
इनसेट
मोरना मिल का गन्ना भी बढ़ाया
पिछले पेराइ सत्र में मोरना चीनी मिल क्षेत्र में 107.94 लाख क्विंटल गन्ने का उत्पादन हुआ था। मिल ने सिर्फ 50.17 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की। इस बार मिल को 125.25 लाख क्विंटल गन्ने का आवंटन किया गया है।