खतौली विधानसभा में गठबंधन प्रत्याशी मदन भैया।
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मुजफ्फरनगर। खतौली उप चुनाव में आज फैसले की घड़ी है। विधानसभा क्षेत्र में आने वाले नगर खतौली और जानसठ के मतदाताओं के रुख पर भी सबकी नजर है। सात माह पहले की बात करें तो जानसठ और खतौली में गठबंधन ने बढ़त बनाई थी। मगर, इस बार मतदान का प्रतिशत कम होते ही यहां भी समीकरण उलट-पुलट होने लगे हैं।
खतौली नगर क्षेत्र में 65 बूथ हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में निवर्तमान विधायक विक्रम सैनी को 15 हजार 314 और गठबंधन प्रत्याशी व पूर्व सांसद राजपाल सैनी को 23 हजार 924 वोट मिले थे। सबसे आखिरी में खतौली की गिनती होती है, ऐसे में नतीजों का फासला तय करने में नगर की अहम भूमिका है। उप चुनाव में उलझन यह है कि सभी बूथों पर मतदान का प्रतिशत कम हुआ है। ऐसे में यहां आंकड़े उलझ रहे हैं। ईवीएम से नतीजे निकलेेंगे तो साफ होगा कि खतौली नगर ने इस बार किसका साथ दिया और किसके मन की बात सुनी।
जानसठ नगर की बात करें तो 2022 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन के प्रत्याशी राजपाल सैनी को 7317 और भाजपा प्रत्याशी विक्रम सैनी को 3517 वोट मिले थे। यहां मुस्लिम और सैनी भी काफी तादाद में है। देखने वाली बात यह होगी इस बार विधानसभा के दोनों प्रमुख नगरों में मतदाताओं ने किसके मन की बात सुनी है।
वाजिदपुर कवाली में दिलचस्प होगा मुकाबला
विधानसभा के वाजिदपुर कवाली गांव में बसपा प्रत्याशी के मैदान में नहीं होने के कारण दिलचस्प मुकाबला होगा। मुख्य चुनाव में यहां गठबंधन प्रत्याशी राजपाल सैनी को 638, भाजपा प्रत्याशी विक्रम सैनी को 396 और बसपा प्रत्याशी पूर्व विधायक करतार भड़ाना को 443 वोट हासिल हुए थे। गांव में इस बार करीब 58 प्रतिशत मतदान हुआ है। देखने वाली बात यह होगी कि पिछले चुनाव में बसपा के हिस्से में गए 443 मतों का क्या रुख रहता है।
भैंसी में इस बार कौन बनाएगा बढ़त
भैंसी गांव में 5828 मतदाता है, जिनमें से 3334 ने मताधिकार का प्रयोग किया। गांव में करीब 58 प्रतिशत वोट पड़े। मुख्य चुनाव में यहां दो बूथों को छोड़ दें तो भाजपा ने जीत दर्ज की थी। बूथ नंबर 124 पर बसपा के करतार भड़ाना को 385 वोट मिले थे।