- दुग्ध आयुक्त ने लंपी स्किन डिजीज बीमारी को लेकर ली बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। दुग्ध आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने जनपद भ्रमण पर लंपी स्किन डिजीज बीमारी की रोकथाम के संबंध में विकास भवन सभागार में बैठक का आयोजन किया। एलएसडी बीमारी की रोकथाम को रणनीति बनाते हुए जनपद के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पशुओं का स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिकता है।
दुग्ध आयुक्त ने कहा कि बीमारी से ग्रसित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखना होगा। पशुओं में बीमारी को फैलाने वाले घटकों की संख्या को रोकना अर्थात पशुओं को मक्खी, चीचड़ी, मच्छरों के काटने से बचाना, पशुशाला की साफ-सफाई दैनिक रूप से करना तथा डिस्इंफेक्शन (जैसे-चूना आदि) को स्प्रे करना, मृत पशुओं केे शव को गहरे अर्थात न्यूनतम 5-6 फीट गहरे गड्ढे में दबाया जाना आवश्यक है। पशु पालकों से अनुरोध है कि वह अपने बीमारी से ग्रसित पशुओं को स्वस्थ पशु से अलग बांधे। डीएम ने समस्त खंड विकास अधिकारियों, पशु चिकित्साधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में गोआश्रय स्थलों में संक्रमित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने के निर्देश दिये। पशु पालक रोग के प्रकोप होने पर निकटतम सरकारी पशु चिकित्साधिकारी को सूचित करें तथा उन्हीं से अपने पशुओं का उपचार कराये। बैठक में एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी दिनेश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार उपस्थित रहे।
कंट्रोल रूम में दें सूचना
उक्त बीमारी के संबंध में सूचना आदान-प्रदान करने तथा बीमारी की सूचना उपलब्ध कराने के लिये जनपद स्तर पर कलेक्ट्रेट में स्थापित कंट्रोल रूम नं0-9897715888, 9897749888 पर सूचित कर सकते है।
129 नये पशु किये चिन्ह्ति
प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा दिनेश कुमार ने बताया कि जिले में बीमारी से ग्रसित 129 नए पशु चिन्हित किये गये हैं। पूर्व से ग्रसित पशुओं में से 1875 पशु स्वस्थ हो गए हैं। यह बीमारी एक संक्रामक रोग विषाणुजनित बीमारी है। जिला पंचायत राज अधिकारी की ओर से गोशालाओं तथा 422 ग्राम सभाओं में डिस्इंफैक्शन स्प्रे कराया गया है। एलएसडी बीमारी से प्रभावित ग्रामों को छोड़कर आज 14 ग्रामों के पशुओं में एलएसडी बीमारी को रोकने के लिए जनपद में अब तक कुल 26500 पशुओं में गोट पाक्स वैक्सीन का टीकाकरण किया गया।