मुजफ्फरनगर कोर्ट में पेशी पर पहुंचे राज्यमंत्री कपिलदेव, साध्वी प्राची, पूर्व विधायक अशोक कंसल, ?
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नंगला मंदौड़ में 31 अगस्त 2013 की पंचायत में आचार संहिता उल्लंघन का मामला
साध्वी प्राची आर्या ने अदालत में पेश होकर रिकॉल कराए वारंट
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। कवाल कांड के बाद आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, पूर्व सांसद सोहनवीर सिंह, पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक सहित पांच जनप्रतिनिधियों ने मंगलवार को अदालत में सरेंडर कर दिया। अदालत ने आरोपियों को जमानत दे दी है। साध्वी प्राची आर्या ने अपने वारंट रिकॉल कराए। प्रकरण की अगली सुनवाई तीन अक्तूबर को होगी।
कवाल कांड के बाद 31 अगस्त 2013 को नंगला मंदौड़ इंटर कॉलेज में पंचायत बुलाई गई थी। विभिन्न राजनीतिक दलों के 21 जनप्रतिनिधि पंचायत में शामिल हुए, जिन पर सिखेड़ा थाने पर आचार संहिता के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज हुआ था। मंगलवार को पूर्व सांसद सोहनवीर सिंह, राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, पूर्व विधायक अशोक कंसल, पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष यशपाल पंवार और साध्वी प्राची आर्या अदालत में पेश हुई। सिविल जज सीनियर डिवीजन एफटीसी/विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट के पीठासीन अधिकारी मयंक जायसवाल ने आरोपियों को जमानत दे दी है।
21 आरोपियों पर दर्ज हुआ था मुकदमा
कवाल में सचिन और गौरव की हत्या के बाद 31 अगस्त को थाना सिखेड़ा क्षेत्र के नंगला मंदौड़ इंटर कॉलेज में पंचायत बुलाई गई थी। आचार संहिता लगी होने के कारण पंचायत में शामिल हुए विभिन्न दलों के 21 जनप्रतिनिधियों पर मुकदमा दर्ज किया गया था।