अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। 20 साल पुराने सोल्जर बोर्ड प्रकरण में कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल दोषमुक्त करार दिए गए हैं। विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट के पीठासीन अधिकारी मयंक जायसवाल ने फैसला सुनाया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि 23 जुलाई 2003 को थाना सिविल लाइन के दरोगा इंदरजीत सिंह ने वर्तमान में कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल और शिवसेना नेता ललित मोहन शर्मा पर सोल्जर बोर्ड में कार्यक्रम के दौरान पुलिस के साथ मारपीट धक्का-मुक्की और तोड़फोड़ करते हुए लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मुकदमा दर्ज कराया था। प्रकरण की विवेचना दरोगा मुन्ना लाल ने की थी। पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। प्रकरण की सुनवाई विशेष एमपी एमएलए कोर्ट के पीठासीन अधिकारी सिविल जज सीनियर डिविजन मयंक जायसवाल ने की। प्रकरण में नौ गवाह पेश किए गए। साक्ष्यों के अभाव में दोनों आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया गया है।